हिंसक वन्यप्राणियों के हमले में मध्यप्रदेश में पांच साल में 260 लोगों की मौत

भोपाल,

मध्यप्रदेश में मानव एवं जंगली जानवरों के बीच संघर्ष की घटनाओं में इजाफा होने के कारण पिछले पांच साल में कम से कम 260 लोग अपनी जान गंवा चुके हंै और करीब 10,955 व्यक्ति घायल हुए हैं। इसके अलावा मानव पशु संघर्ष में पिछले दिनों 22 बाघों के अलावा तेंदुए , भालू ,जंगली सूअर , सियार और अन्य जानवर भी मारे गए हैं ।

वन विभाग द्वारा उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2011-12 के दौरान जंगली जानवरों के हमलों में 51लोग मारे गए और 2012-13 तथा 2013-14 में 48 लोग मारे गए । 2014-15 में यह आंकड़ा बढ़कर 52 पर आ गया । इसी तरह 2011-12 में मानव पशु संघर्ष की घटनाओं में 3,181 लोग घायल हुए ,2012-13 में 2,906 ,2013-14 में 2,092 ,2014-15 में 1,334 और 2015-16 में 1,442 लोग घायल हुए ।

पिछले पांच साल में इस तरह की घटनाओं में 25,344 मवेशी भी मारे गए ।

प्रदेश की राजधानी भोपाल शहर के बाहरी इलाके में चार बाघ पिछले कई दिनों से मानव बस्तियों में भटकते नजर आ रहे हैं, जो लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। गत 19 नवंबर को होशंगाबाद जिले के बगदा वन परिक्षेत्र में एक खूंखार बाघिन रिहाइशी इलाके में घुस गई और बड़ी तादात में मौजूद लोगों की भीड़ के सामने ही उसने 17 वर्षीय एक लड़की को दबोच लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, लोगों ने इस बाघिन को भगाने की पूरी कोशिश भी की, लेकिन वे इस लड़की को बचाने में सफल नहीं हुए।

वन्यजीव कार्यकर्ता एवं एनजीओ ‘प्रयत्न’ के संस्थापक सचिव अजय दुबे ने कहा कि मानव एवं वन्यप्राणियों के बीच संघर्ष के बढ़ने का सबसे बड़ा कारण वन इलाकों का सिकुड़ना और इस क्षेत्र में मानव द्वारा किया जा रहा अतिक्रमण है।

वन अधिकारियों ने भी नाम नहीं छापने की शर्त पर इस बात का समर्थन किया और कहा कि मानव-वन्यजीवों के इस बढ़ते संघर्ष के लिए मनुष्यों द्वारा वन इलाके में किए गये अतिक्रमण जिम्मेदार हैं।