सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने पर प्रतिबंध लगाया गया

उज्जैन । अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ.आरपी तिवारी ने दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा-144 के अन्तर्गत लोकशान्ति बनाये रखने के उद्देश्य से उज्जैन जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्र में बिना किसी वैधानिक आधार के सोशल मीडिया जैसे- वॉट्सअप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्विटर आदि के माध्यम से आपत्तिजनक सन्देश, चित्र, वीडियो, ऑडियो मैसेज, आधारहीन सूचनाएं पोस्ट करने, फार्वर्ड करने और फेसबुक पर लाईक करने या कमेन्ट करने आदि समस्त गतिविधियों पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाये जाने के आदेश जारी कर दिये हैं।

उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से सम्पूर्ण जिले में लागू हो गया है, जो कि आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा। आदेश के तहत सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति आपत्तिजनक सन्देश, चित्र, वीडियो और ऑडियो मैसेज पोस्ट नहीं करेगा। सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति सामाजिक और व्यक्तिगत रूप से ऐसे सन्देशों को प्रकाशित नहीं करेगा, जो अश्लील हों, साम्प्रदायिक सद्भाव को खतरा उत्पन्न करते हों, व्यक्तिगत आक्षेप होकर दुष्प्रचार की श्रेणी में आते हों, आतंकवाद, जातिवाद और साम्प्रदायिकता से सम्बन्धित हों, महिलाओं और अल्पसंख्यक वर्ग या समुदाय अथवा जाति विशेष के विरूद्ध प्रतिकूल टिप्पणी हो और अफवाह को उद्वेलित करते हों। उक्त आदेश का उल्लंघन करने पर सम्बन्धित के विरूद्ध भादविसं की धारा-188 के अन्तर्गत कार्यवाही की जायेगी।

गौरतलब है कि आने वाले पर्वों जैसे- मिलादुन्नबी, देवउठनी ग्यारस, गुरूनानक जयन्ती, क्रिसमस आदि को ध्यान में रखते हुए असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट कर वैमनस्य का वातावरण निर्मित किया जा सकता है, जिससे कानून व्यवस्था की स्थिति निर्मित होने की संभावना बनी रहती है। अत: इस प्रकार की असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाये जाने के उद्देश्य से उक्त आदेश लागू किया गया है।