श्री महाकालेश्‍वर मंदिर के नि:शुल्‍क अन्‍नक्षेत्र में मालवा का प्रसिद्ध व्‍यंजन भक्‍तों को परोसा गया

उज्जैन ।  विश्‍व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्‍वर मंदिर में श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबन्‍ध समिति द्वारा श्री महाकालेश्‍वर अन्‍नक्षेत्र (नि:शुल्‍क) संचालित किया जा रहा हैं। नि:शुल्‍क अन्‍नक्षेत्र में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रतिदिन अलग-अलग व्‍यंजन भोजन प्रसादी में परोसे जाते है। प्रशासक श्री एस.एस.रावत ने श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबन्‍ध समिति की बैठक में हुए निर्णयानुसार मा‍ह की प्रत्‍येक 01 और 15 तारीख को मालवा का प्रसिद्ध दाल, बाफले, कढ़ी, लड्डू, चूरमा, चावल, सब्‍जी बनाने के निर्देश दिये। अब श्रद्धालुओं को मालवा का स्‍वाद भी भोजन के रूप में परोसा जायेगा। श्री रावत ने बताया कि, श्रद्धालुओं को महाकाल के दर्शन के साथ ही मालवा की संस्‍कृति व यहां के भोजन के स्‍वाद को समझने के लिए श्री महाकालेश्‍वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा यह पहल की गई है। देश में राजस्‍थान के बाद मध्‍य प्रदेश में मालवा के दाल-बाफलों का स्‍वाद पसंद किया जाता है। उसी दिशा में मंदिर प्रबंध समिति द्वारा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए शुद्ध घी में बने दाल, बाफले, चूरमा माह में दो दिवस भोजन प्रसादी के रूप में देने की व्‍यवस्‍था की गई है। जिससे मालवा की परंपरा को लोग हमेशा याद रखें।

      इसी क्रम में हरियाणा से श्री महाकालेश्‍वर भगवान के दर्शन हेतु आयीं भक्‍त सुश्री किरण शर्मा ने बताया कि, दर्शन पश्‍चात श्री महाकालेश्‍वर अन्‍नक्षेत्र में भोजन प्रसादी ग्रहण करने आयी है और मालवा का परंपरागत भोजन दाल-बाफले उन्‍होंने पहली बार खाये और उनको बहुत अच्‍छा लगा। भक्‍तों ने प्रसादी में बने मालवी भोजन की तारीफ की, तथा मंदिर की व्‍यवस्‍थाओं की भी प्रशांसा की।