राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस, धन्वन्तरि जयन्ती की पूर्व संध्या पर संगोष्ठी आयोजित

उज्जैन। शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, उज्जैन के प्रधानाचार्य डॉ. जे.पी. चौरसिया ने बताया कि आयुष विभाग, म.प्र. शासन एवं संचालनालय के निर्देश परिपालन में चतुर्थ राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर दीर्घायु के लिए आयुर्वेद विषय पर ज्ञानवर्द्धन और जन-जागृति हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ, अत: अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसके तहत प्रमुख रूप से पूर्व संध्या पर आयर्वेद संगोष्ठी आयोजित हुई।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. यू.एस. निगम तथा विशेष अतिथि डॉ. डी.के. खरे तथा डॉ. श्रीमती राजेश गुप्ता तथा डॉ. ओ.पी. पालीवाल जिला आयुष चिकित्सा अधिकारी उज्जैन उपस्थित हुए। इस अवसर पर संस्था को चिकित्सालय के लिए भूमिदान करने वाले श्री धन्वन्तरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालयीन न्यास एवं शोध केन्द्र उज्जयिनी के सभी न्यासीगणों का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वन्तरि के पूजन दीप प्रज्जवलन से हुआ। स्वागत भाषण डॉ. ओ.पी. व्यास ने दिया। अतिथि परिचय डॉ. अजय कीर्ति जैन ने कराया। संगोष्ठी के आरंभ में दीर्घायु के आयुर्वेद-विषय प्रवर्तक पर डॉ. वेद प्रकाश व्यास ने प्रकाश डाला। वैज्ञानिक सत्र में डॉ. राजेश उइके, डॉ. मनोज बघेल, डॉ. जितेन्द्र जैन ने अपने-अपने विषय पर पी.पी.टी. प्रेजेन्टेशन के माध्यम से आयुर्वेद द्वारा किस प्रकार दीर्घायु प्राप्त की जा सकती है, सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किये।
मुख्य अतिथि डॉ. निगम ने कहा कि हम पूर्ण आत्मविश्वास के साथ आयुर्वेद के नियमों का पालन करें, आवश्यकता पर आयुर्वेद की औषधियों और पंचकर्म चिकित्सा का लाभ लें, निश्चित ही दीर्घायु प्राप्त कर सकेंगे। अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. जे.पी. चौरसिया ने धन्वन्तरि ट्रस्ट के सभी न्यासीगणों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की तथा सभी को सम्मान पत्र पष्पमाला और श्रीफल से सम्मान किया।
डॉ. अजय सावरेकर, बाबूलाल जैन, डॉ. सुरेश शर्मा, डॉ. दिनेश चन्द शाह, कैलाश चन्द जैन तरल, डॉ. बालकृष्ण व्यास, मनीष जैन, सत्यनारायण पाराशर तथा डॉ. मुकुट पिण्डावाला आदि उपस्थित रहे। गीतकार कैलाश तरल ने मधुर गीत सुनाया- बोल बोल तू कोल रे भैया महाकाल की जय।
कार्यक्रम में सहयोग प्रदान करते हुए हिमालया कम्पनी के डॉ. नवीन खेडे ने दीर्घायु के लिए आयुर्वेद विषय प्रजेन्टेशन दिया तथा गुणवत्ता युक्त औषधियों के उपयोग के लिए अपील की। संचालन डॉ. रामतीर्थ शर्मा ने किया। आभार डॉ. नृपेन्द्र मिश्र ने माना। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी, एम.डी. अध्येता, छात्र/छात्राएं उपस्थित थे।