मुझे पूरक प्रश्न पूछने नहीं दिया गया, सरकार विलफुल डिफाल्टर्स का नाम बताने से क्यों डर रही है : राहुल

नयी दिल्ली,  कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि जानबूझकर कर्ज की अदायगी नहीं करने वालों (विलफुल डिफाल्टर्स) को लेकर लोकसभा में पूरक प्रश्न पूछने नहीं दिया गया और बतौर सांसद उनके अधिकार की रक्षा नहीं की गई।

गांधी ने यह सवाल भी किया कि आखिर सरकार देश के 50 सबसे बड़े विलफुल डिफाल्टर्स के नाम बताने से क्यों डर रही है? उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह सांसद का अधिकार है कि वह पूरक पूश्न पूछे। मैंने सवाल किया कि 50 विलफुल डिफाल्टर्स का नाम बताइए जिसका मंत्री ने जवाब नहीं दिया। मैं पूरक प्रश्न पूछना चाहता था।’’ कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘यह लोकसभा अध्यक्ष का कर्तव्य था कि वह मेरे अधिकार की रक्षा करें और पूरक प्रश्न पूछने की इजाजत देते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। सवाल पूछने के मेरे अधिकार को छीनना पूरी तरह अनुचित है।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘सरकार विलफुल डिफाल्टर्स के नाम लेने से क्यों डर रही है? 50 लोगों ने भारतीय पैसे की चोरी की है। हम जानते हैं कि अर्थव्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है। फिर इन लोगों के नाम क्यों नहीं बता रहे हैं?’’ गांधी ने कहा, ‘‘ मैं लगातार आगाह करता आ रहा हूं कि कोरोना वायरस की स्थिति में अर्थव्यवस्था और बैंको की हालत बहुत खराब हो सकती है। दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि इस तरह के कदमों से कोई मदद नहीं मिलेगी।’’