मप्र : बिजली कंपनियों की नियमित सेवा में संविदा कर्मियों की बढ़ेगी हिस्सेदारी

भोपाल, | मध्य प्रदेश की बिजली कंपनियों में काम करने वाले संविदा कर्मचारियों के लिए यह अच्छी खबर है, क्योंकि आगामी समय में नियमित सेवा में भर्ती की प्रक्रिया में संविदा कर्मचारियों की हिस्सेदारी बढ़ेगी। यह सहमति सरकार की मध्यस्थता में बिजली कंपनी और बिजली कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में बनी है। राज्य में बीते सालों में बिजली कंपनियों ने संविदा कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर दिया था। इससे शेष संविदा कर्मचारियों में असंतोष था। इन कर्मचारियों की बहाली की अरसे से मांग चल रही थी।

एमपी यूनाईटेड फोरम पॉवर इम्प्लाई एंड इंजीनियर्स के संयोजक वी. के. एस. परिहार ने आईएएनएस को बताया है कि कंपनियों और कर्मचारी संगठन के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि बिजली कंपनियों द्वारा सेवा से अलग किए गए संविदा कर्मचारियों को फिर से सेवा में रखने के लिए एक समिति बनाई जाएगी, जो निर्णय करेगी।

 

इसके साथ ही सरकार की ओर से बिजली कंपनियों से कहा गया है कि किसी भी संविदाकर्मी के विरुद्घ बगैर जांच कार्रवाई नहीं की जाए। वहीं सभी संविदाकर्मियों की नेशनल पेंशन स्कीम के तहत कटौती करने के संबंध में विचार किया जाएगा।

परिहार ने बताया है, “बिजली कंपनियों में छह हजार से ज्यादा संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। आगामी समय में बिजली कंपनियों में अधिकारियों की नियमित भर्ती की प्रक्रिया में संविदा कर्मचारियों के लिए 30 प्रतिशत पद आरक्षित रहेंगे, जबकि पूर्व में यह 25 प्रतिशत था। वहीं कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में संविदा कर्मचारियों को 50 फीसदी पदों पर मौका दिया जाएगा, जबकि अभी तक 40 प्रतिशत पद संविदा कर्मचारियों के लिए होते हैं।”

राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह की उपस्थिति में शनिवार को हुई इस बैठक में तय किया गया है कि संविदा कर्मचारियों के वेतन में नियमित कर्मचारियों के समान हर साल तीन प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होगी। अभी तक एक प्रतिशत रािश ही बढ़ाई जाती है। साथ ही संविदा कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा भी मिलेगी।