मप्र की नर्मदा सेवा यात्रा से प्रेरणा लेकर असम में भी ‘नमामि ब्रहमपुत्र’ अभियान

भोपाल,  मध्यप्रदेश में सरकार द्वारा नर्मदा नदी के संरक्षण के लिये चलायी जा रही ‘नमामि देवी नर्मदे -सेवा यात्रा’ से प्रेरणा लेते हुए देश के उत्तर पूर्वी राज्य असम में भी 31 मार्च से पांच दिवसीय ‘नमामि ब्रहमपुत्र’ अभियान चलाया जायेगा।

इस अभियान के प्रभारी एवं संयुक्त सचिव एस विश्वनाथन ने कल शाम यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘असम का जनजीवन और संस्कृति, दुनिया की सबसे शक्तिशाली नदियों में से एक और भारत का एकमात्र नद ब्रहमपुत्र से बहुत अधिक प्रभावित है। इस पावन नदी के प्रति कृतज्ञता एवं आदर व्यक्त करने के उद्देश्य से असम सरकार, मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में 31 मार्च से पांच दिवसीय ‘नमामि ब्रहमपुत्र’ कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जो कि असम के 21 जिलों :सदिया से धुबरी तक: में मनाया जायेगा।’’ उन्होंने कहा कि यह आयोजन राज्य के व्यापार, पर्यटन और संस्कृति में असम की जबरदस्त क्षमता प्रदर्शित करने के लिये एक आदर्श मंच का काम करेगा। 31 मार्च से शुरु होने वाले इस कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ समारोह गुवाहाटी में किया जायेगा जहां भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक कामाख्या मंदिर स्थित है।

उन्होंने बताया कि इस आयोजन में स्वदेशी खेल, स्थानीय भोजन, जैविक चाय की प्रदर्शनी, हथकरघा और हस्त शिल्प, सांस्कृतिक संध्या, फिल्म समारोह, व्यापारिक बैठकों के साथ ब्रहमपुत्र नदी की एक भावपूर्ण अर्चना भी शामिल है। आयोजन का समापन 4 अप्रैल 2017 को भव्य समारोह में किया जायेगा। इस समारोह में असम के मुख्यमंत्री द्वारा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी आमंत्रित किया जायेगा।

विश्वनाथन ने कहा, ‘‘यह पांच दिवसीय समारोह व्यापार, आनंद और उत्साह का वातावरण लायेगा। ब्रहमपुत्र नदी असम की केवल जीवन रेखा ही नहीं है बल्कि यह व्यापार के व्यापक अवसर भी प्रदान करती है। राष्ट्रीय जलमार्ग-2 सदिया से धुबरी तक दक्षिण पूर्व एशियाई बाजारों में आर्थिक प्रगति करने के लिये भारत की ‘एक्ट ईस्ट पालिसी’ के हिस्से के रूप में एक पुल का काम करता है।