मथुरा की सांसद हेमामालिनी ने की लोगों से ‘‘जनता कर्फ्यू’’ का पालन करने की अपील

मथुरा,  कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए मथुरा की सांसद हेमामालिनी ने रविवार को ‘‘जनता कर्फ्यू’’ को सफल बनाने और लोगों से पूरी तरह सावधानी बरतने की अपील की है।

हेमामालिनी ने एक वीडियो क्लिप जारी कर लोगों से अपील की है ‘‘कोरोना वायरस किसी परमाणु बम से कम नहीं है। देश में इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं इसलिए सामाजिक दूरी बनाना बहुत जरूरी है। ’’

उन्होंने लोगों से 22 मार्च को ‘‘जनता कर्फ्यू’’ का पालन करने की अपील करते हुए कहा ‘‘देश ने पहले भी कई परेशानियों का सामना किया और जीत हासिल की है। मुझे विश्वास है कि हम कोरोना वायरस का प्रसार रोकने में सफल रहेंगे।’’

मथुरा, वृन्दावन और बरसाना के प्रमुख मंदिरों के प्रबंधनों ने भी सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए अगले तीन से 10 दिन तक मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है।

श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया, ‘वैश्विक महामारी के भारत में निरंतर विस्तार को देखते हुए मैनेजिंग ट्रस्टी अनुराग डालमिया ने अन्य पदाधिकारियों के साथ विमर्श कर निर्णय लिया है कि कृष्ण जन्मभूमि में श्रद्धालुओं का प्रवेश मंगलवार तक बंद रखा जाए तथा पूजा कार्य जारी रखा जाए। तब तक, मंदिर का भोजनालय एवं अंतरराष्ट्रीय अतिथि गृह भी बंद रहेंगे।’

उन्होंने बताया, ‘‘इस अवधि में सम्पूर्ण मंदिर परिसर को हर प्रकार से सैनेटाइज किया जाएगा। रविवार से मंदिर में, महामारी से सम्पूर्ण विश्व को मुक्ति दिलाने के लिए 21 दिवसीय सुदर्शन कवच का विशिष्ट अनुष्ठान प्रारंभ किया जा रहा है। नवसम्वत्सर एवं नवरात्रि पूजा अनुष्ठान में भी कोरोना वायरस से मुक्ति का संकल्प प्रमुख रूप से होगा।’’

वृन्दावन के सुप्रसिद्ध ठा. बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधक मुनीश शर्मा ने बताया, ‘‘मंदिर के रिसीवर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के निर्णय के अनुसार आगामी 31 मार्च तक मंदिर में दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद रहेगा। हालांकि, ठाकुरजी की भोग-राग सेवा जारी रहेगी।’’

बरसाना के लाड़िली जी प्रबंधन ने भी एक सप्ताह तक श्रद्धालुओं का मंदिर में प्रवेश बंद कर दिया है। इसी प्रकार, बलदेव मंदिर के रिसीवर रामकटोर पाण्डेय ने बताया कि दाऊजी महाराज व रेवती मैया के दर्शन 22 से 28 मार्च तक बंद रहेंगे।

इस बीच, शनिवार को मुंबई से दिल्ली जा रही अगस्त क्रांति एक्सप्रेस में कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मरीज होने की सूचना पर हड़कम्प मच गया। उसे मथुरा में उतरने के लिए कहा गया लेकिन उसने इंकार कर दिया। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल के जवानों ने पहुंचकर उसे जबर्दस्ती उतारा।

बाद में, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने स्टेशन पहुंचकर उसकी जांच की और अस्पताल के पृथक वार्ड में भर्ती कर उसके नमूने लिए जिन्हें जांच के लिए अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया।