नि:शक्तों ने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाया -विधायक डॉ.यादव

उज्जैन । सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग तथा सेवाधाम आश्रम के संयुक्त तत्वावधान में विश्व विकलांग दिवस के पूर्व नि:शक्त बच्चों के सामर्थ्य प्रदर्शन हेतु दो दिवसीय कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। शहर के खेल एरिना महानन्दा नगर मैदान पर नि:शक्त बच्चों के लिये खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसमें विभिन्न आयुवर्ग के मानसिक रूप से अविकसित तथा मन्दबुद्धि श्रेणी के बच्चों के लिये 25 मीटर दौड़, 50 मीटर दौड़, 100 मीटर दौड़, गोला फैंक, साफ्टबॉल, लेमन रेस व रिले रेस आयोजित की गई।

      कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उज्जैन दक्षिण के विधायक डॉ.मोहन यादव, कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे, संयुक्त कलेक्टर श्री सुजानसिंह रावत एवं अन्य अतिथिगण मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलित कर किया गया। सेवाधाम आश्रम की नि:शक्त बालिका भोली द्वारा अतिथियों के लिये स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। विधायक डॉ.मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा कि नि:शक्तजनों ने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत बनाया है और अपने सामर्थ्य से अपनी नि:शक्तता पर विजय प्राप्त की है। उन्होंने अपनी ओर से सभी बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिये हार्दिक शुभकामनाएं दी।

      कलेक्टर श्री संकेत भोंडवे ने इस अवसर पर कहा कि प्रतिभा सभी में होती है, वह किसी की मोहताज नहीं होती, बस प्रतिभा को निखरकर सबके सामने लाने के लिये एक मंच की आवश्यकता होती है। नि:शक्तजनों को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिये ही यह दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि मार्च में नि:शक्तजनों के विवाह व निकाह कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगे। विश्व विकलांग दिवस 3 दिसम्बर के अवसर पर पूरे उज्जैन जिले के सात अलग-अलग स्थानों पर नि:शक्तजनों का परिचय सम्मेलन आयोजित किया जायेगा। उन्होंने अपनी ओर से आग्रह किया कि सभी लोग इसमें अपनी ओर से यथासंभव सहयोग करें और इस आयोजन को सफल बनायें। नि:शक्तजनों के लिये शासन की ओर से बहुत सारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। नि:शक्तजन इसका भरपूर लाभ उठायें और अपने जीवन में उन्नति करें।

      कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा खेलकूद प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को मेडल व प्रमाण-पत्र प्रदाय किये गये। इस दौरान सेवाधाम आश्रम उज्जैन के संचालक श्री सुधीरभाई गोयल व सम्बन्धित विभाग के अधिकारीगण व शासकीय तथा अशासकीय संस्थाओं के संचालक मौजूद थे। सभी बच्चों को सान्त्वना पुरस्कार भी वितरित किये गये।