दुनिया में कोरोना वायरस के सर्वाधिक मामले अमेरिका में, एक दिन में 16 हजार से अधिक लोग संक्रमित

वाशिंगटन, अमेरिका में कोरोना वायरस के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं और बृहस्पतिवार को यहां एक ही दिन में 16,000 से अधिक मामलों की पुष्टि हुई। इसके साथ ही अमेरिका में कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़कर 85,600 से अधिक हो गई जो दुनिया में किसी भी देश में सबसे अधिक है।

जॉन्स हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, दुनियाभर में कोरोना वायरस से 24,057 लोगों की मौत हो चुकी है। इटली में सबसे अधिक 8,215 लोगों की मौत हुई जबकि स्पेन में 4,365 और चीन में 3,169 लोगों की मौत हुई।

आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या के मामले में चीन (81,782) और इटली (80,589) को भी पीछे छोड़ दिया है।

कोरोना वायरस पर आंकड़ें दर्ज करने वाली वेबसाइट वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, अमेरिका में बृहस्पतिवार रात तक संक्रमण के कुल 85,088 मामले सामने आ चुके हैं जिनमें से 16,877 मामले एक ही दिन में सामने आए। एक हफ्ते पहले संक्रमित लोगों की संख्या 8,000 थी। एक हफ्ते में ही यह संख्या खतरनाक रूप से 10 गुना बढ़ी है।

कम से कम 263 लोगों की मौत के साथ अमेरिका में इस संक्रामक रोग से बृहस्पतिवार को एक ही दिन में सबसे अधिक लोगों ने जान गंवाई। अभी तक इस बीमारी से 1,290 अमेरिकियों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इस समय दो हजार से अधिक वायरस से संक्रमित मामले गंभीर अवस्था में है। ऐसी स्थिति में संक्रमित मामलों के साथ ही मरने वाले लोगों की संख्या आने वाले दिनों में बढ़ने की आशंका है।

कोरोना वायरस के केंद्र रहे चीन में इस वैश्विक महामारी से 3,287 लोगों की मौत हुई जबकि इटली में 8,215 लोग मारे गए।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संक्रमित मामले बढ़ने के पीछे बड़े पैमाने पर इस बीमारी की जांच करना बताया है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह हमारी जांच का नतीजा है। कोई नहीं जानता कि चीन में असल संख्या क्या है।’’

व्हाइट हाउस कोरोना वायरस कार्य बल की संयोजक डॉ. देबोराह ब्रिक्स ने कहा कि सभी नए मामलों में करीब 55 फीसदी न्यूयॉर्क से आ रहे हैं। इनमें न्यूजर्सी भी शामिल है और उन्होंने कोरोना वायरस के प्रसार पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही में 50 में से 19 राज्यों में मामले कम हुए हैं।’’

उन्होंने बताया कि अब तक अमेरिका 5,50,5000 लोगों की जांच कर चुका है।

इस बीच ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका में कोरोना वायरस के मामले चीन से भी ज्यादा आने के बीच वह चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से बात करेंगे।

ट्रम्प ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वह भारतीय समयानुसार सुबह शी से बात करेंगे।

ट्रम्प ने घातक कोरोना वायरस का केंद्र होने के कारण इसे ‘‘चाइनीज वायरस’’ कहे जाने पर विभिन्न लोगों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद इस शब्द का इस्तेमाल न करने का संकेत दिया है।

पिछले सप्ताह राष्ट्रपति ने कहा था कि चीन कोरोना वायरस के फैलने के लिए जिम्मेदार है और उन्होंने कोविड-19 को ‘‘चाइनीज वायरस’’ बताया था।

उन्होंने जोर दिया था कि यह शब्द उचित है क्योंकि विषाणु का केंद्र चीन का वुहान शहर है।

उन्होंने शी के साथ फोन पर बातचीत के मद्देनजर व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा, ‘‘अगर उन्हें इसके बारे में काफी बुरा लगता है तो मैं नहीं कहूंगा। हम देखेंगे।’’

साथ ही ट्रम्प ने इस शब्द के इस्तेमाल का बचाव करते हुए कहा कि कोरोना वायरस का जन्म चीन से हुआ है।

ट्रम्प द्वारा इस शब्द का इस्तेमाल नहीं करने का संकेत देने के बाद एक पत्रकारों ने उनसे पूछा किया क्या राष्ट्रपति शी ने उन्हें ‘‘चाइनीज वायरस’’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करने के लिए कहा था।

इस पर ट्रम्प ने कहा, ‘‘किसी ने इस बारे में मुझसे बात नहीं की। मुझे लगता है कि यह ठीक है।’’