जम्मू-कश्मीर में नए प्रशासकों की नियुक्ति हो, मलिक गोवा के राज्यपाल पद से इस्तीफा दें: चिदंबरम

नयी दिल्ली, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी को लेकर उच्चतम न्यायालय का आज का आदेश केंद्र सरकार के अहंकारी रुख को खारिज करता है और अब इस केंद्रशासित प्रदेश में संविधान का सम्मान करने वाले नए प्रशासकों की नियुक्ति होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल रहे सत्यपाल मलिक को अब गोवा के राज्यपाल के पद इस्तीफा दे देना चाहिए।

पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री ने ट्वीट कर कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय का आदेश जम्मू-कश्मीर में लगाई गई पाबंदियों पर केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के अहंकारी रुख को खारिज करता है। जम्मू-कश्मीर की वह टीम बदलनी चाहिए जिसने योजना तैयार की और लागू की।’’

चिदंबरम ने यह भी कहा, ‘‘संविधान का सम्मान करने वाले नए प्रशासकों की नियुक्ति की जानी चाहिए। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और उन्हें गोवा के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।’’

उच्च्तम न्यायालय ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर प्रशासन को केंद्रशासित प्रदेश में प्रतिबंध लगाने के सभी आदेशों की एक हफ्ते में समीक्षा करने का आदेश दिया और इंटरनेट के इस्तेमाल को संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत मौलिक अधिकारों का हिस्सा बताया।

न्यायमूर्ति एन वी रमण की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाली सभी संस्थाओं में इंटरनेट सेवाएं बहाल करने को कहा।