चाबहार बंदरगाह से अफगानिस्तान को आर्थिक रूप से मिलेगा लाभ: अमेरिकी जनरल

वाशिंगटन, अमेरिका के एक शीर्ष जनरल ने कहा है कि दक्षिणी ईरान में सामरिक महत्व वाले चाबहार बंदरगाह पर भारत और ईरान के बीच का सहयोग अफगानिस्तान के लिए आर्थिक विकास के मामले में फायदेमंद होगा। इसके साथ ही अमेरिकी जनरल ने युद्धग्रस्त देश में नई दिल्ली के पहल की प्रशंसा की।

अफगानिस्तान में अमेरिका और नाटो बलों के कमांडर जनरल जॉन निकोल्सन ने अफगानिस्तान पर कांग्रेस की सुनवाई के दौरान सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के सदस्यों से कहा, ‘‘भारत, ईरान और अफगानिस्तान की सरकारों ने दक्षिणी ईरान में चाबहार बंदरगाह पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। वास्तव में आर्थिक विकास के मामले में यह पहल अफगानिस्तान के लिए बहुत ही फायदेमंद होगा।’’ उन्होंने शक्तिशाली सीनेट समिति के समक्ष कहा, ‘‘अफगानिस्तान और ईरान के बीच जल संधियों पर भी बातचीत चल रही है। ईरान को अफगानिस्तान के पानी की जरूरत है।’’ निकोल्सन ने कहा, ‘‘वहां आपसी हित हैं क्योंकि ईरान और अफगानिस्तान जल अधिकार और वाणिज्य साझा करते हैं। हम चाबहार बंदरगाह पर ईरान, अफगानिस्तान और भारत के बीच हाल में हुई आर्थिक संधि का स्वागत करते हैं। हमें लगता है कि यह पहल अफगानिस्तान को आर्थिक विकल्प देगा।’’ उन्होंने कहा कि भारत ने अफगानिस्तान को दी जाने वाली अपनी सहायता में वृद्धि की है।

उन्होंने बताया, ‘‘भारत ने अफगानिस्तान के विकास के लिए पहले ही दो अरब डालर की सहायता दी थी और इसके अलावा भी भारत ने एक अरब डालर की सहायता दी है। हम उनके समर्थन की सराहना करते हैं।’’