चमड़ा क्षेत्र के लिये योजना बनाने में जुटा वाणिज्य मंत्रालय

नयी दिल्ली,  :भाषा: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय बजट घोषणा के मद्देनजर कपड़ा क्षेत्र की तरह चमड़ा और जूते-चप्पल क्षेत्र के लिये योजना का मसौदा तैयार करने में जुट गया है। इसका मकसद विनिर्माण, निर्यात और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।

वित्त मंत्री अरण जेटली ने 2017-18 के बजट में श्रम आधारित चमड़ा और जूता-चप्पल क्षेत्र के लिये योजना शुरू किये जाने की घोषणा की है।

योजना पिछले साल जून में कपड़ा क्षेत्र के लिये घोषित पैकेज के अनुरूप होगी।

एक अधिकारी ने कहा कि औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने योजना की रूपरेखा तैयार करना शुरू कर दिया है और जल्दी ही उसे व्यय वित्त समिति को उसके विचार जानने एवं मंजूरी के लिये भेजेगा।

उसके बाद अंतिम नोट को विचरार्थ केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा। इसका मकसद एक अप्रैल से योजना को क्रियान्वित करना है।

योजना में राजकोषीय और गैर-राजकोषीय समर्थन शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा चमड़ा क्षेत्र के लिये कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिये प्रोत्साहन को रखे जाने की संभावना है।

जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा था कि रोजगार सृजन के इरादे से कपड़ा क्षेत्र के लिये पहले ही विशेष योजना शुरू की जा चुकी है और इसी प्रकार की योजना चमड़ा तथा जूता-चप्पल क्षेत्र के लिये क्रियान्वित की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि जून 2016 में सरकार ने कपड़ा एवं परिधान क्षेत्र के लिये 6,000 करोड़ रपये की विशेष पैकेज योजना को मंजूरी दी।