कोविड-19: ‘जनता कर्फ्यू’ के मद्देनजर मध्यप्रदेश की सड़कों पर सन्नाटा

भोपाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तावित ‘जनता कर्फ्यू’ के मद्देनजर मध्यप्रदेश की सड़कें रविवार सुबह से सुनसान रहीं और सार्वजनिक स्थलों पर सन्नाटा रहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस से निपटने के प्रयासों के तहत सामाजिक दूरी बनाने के लिए लोगों से रविवार को सुबह सात से रात नौ बजे तक ‘जनता कर्फ्यू’ का हिस्सा बनने की अपील की है।

अपील के तहत सुबह टहलने जाने वाले लोग भी समूचे प्रदेश में अपने घरों से बाहर नहीं निकले। पार्क, स्टेडियम और ग्राउंड में भी लोग घूमने, व्यायाम करने और टहलने के लिए नहीं आए। सड़क किनारे दुकानें और भोजनालय भी बंद रहे।

प्रदेश के चार जिलों जबलपुर, रीवा, सिवनी और नरसिंहपुर को शनिवार से लॉकडाउन किया गया है।

मध्य प्रदेश में शुक्रवार को कोरोना वायरस का पहला मामला आया। इस दिन चार लोग जबलपुर शहर में कोरोना वायरस के पॉजिटिव पाए गए,

जिनमें दुबई से लौटे एक परिवार के तीन सदस्य और जर्मनी से वापस आए एक व्यक्ति शामिल हैं।इन चारों लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज कराया जा रहा है।

इसके बाद जिला प्रशासन ने आवश्यक सेवाओं को छोड़कर जबलपुर शहर के सभी बाजार बंद करने के आदेश दिए । इसके साथ शहर के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर अनिवार्य सेवाओं को छोड़कर सभी बसों की आवाजाही रोक दी गई है।

मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के तहत स्कूल, कालेज, सिनेमा हॉल, संग्रहालयों, नेशनल पार्क, टाइगर रिजर्व और मॉल को पहले ही बंद कर दिया गया है। वहीं मध्यप्रदेश से महाराष्ट्र व राजस्थान के बीच बस सेवा को भी 31 मार्च तक स्थगित कर दिया गया है।

इसके अलावा, कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए मध्यप्रदेश में स्थित दो प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों ओंकारेश्वर और महाकालेश्वर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर 31 मार्च तक प्रतिबंध लगाया गया है।