कोरोना वायरस महामारी के चलते सेंसेक्स में 2,700 अंकों से अधिक की गिरावट

मुंबई,  शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में सोमवार को शुरुआती सत्र के दौरान 2,700 अंकों से अधिक की गिरावट हुई। कोरोना वायरस महामारी के चलते दुनिया भर में बंदी के बीच वैश्विक शेयरों में दबाव देखने को मिला और भारी मंदी की आशंकाओं को बल मिला।

इस दौरान रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92 पैसे लुढ़ककर 76.12 पर आ गया।

बीएसई सेंसेक्स में 2,718 अंकों से अधिक की गिरावट के बाद थोड़ा सुधार देखने को मिला और खबर लिखे जाने तक सूचकांक 2,430.57 अंक या 8.12 प्रतिशत घटकर 27,485.39 पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह एनएसई निफ्टी 682.35 अंक या 7.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,063.10 पर कारोबार कर रहा था।

सेंसेक्स के सभी घटक घाटे में कारोबार कर रहे थे। बजाज फाइनेंस के शेयर में 14 फीसदी की भारी गिरावट हुई। इसके अलावा एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति और एमएंडएम में भी भारी बिकवाली हुई।

इससे पहले शुक्रवार को पिछले सत्र में इक्विटी बाजारों में थोड़ी राहत देखने को मिली थी और सेंसेक्स 1,627.73 अंकों या 5.75 प्रतिशत बढ़कर 29,915.96 पर बंद हुआ था। निफ्टी 482 अंक या 5.83 प्रतिशत उछलकर 8,745.45 पर बंद हुआ था।

कारोबारियों के अनुसार भारत और दुनिया भर में सरकारों के बंदी के निर्णय से निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर हुआ।

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में वृद्धि के साथ केंद्र और राज्य सरकारों ने 75 जिलों को बंद करने का फैसला किया है।

बाजार नियामक सेबी ने बाजार के तेज उतार-चढ़ाव को काबू में करने के लिए कुछ उपायों की घोषणा की, लेकिन फिलहाल बाजार पर इसका असर नहीं है।

शेयर बाजार और नियामक अधिकारियों ने हालांकि महामारी के मद्देनजर कारोबार के घंटों को कम करने के सुझावों को खारिज कर दिया।

इस दौरान शंघाई, हांगकांग और सियोल में प्रमुख सूचकांक चार फीसदी तक लुढ़के, जबकि टोक्यो लाभ के साथ कारोबार कर रहा था।

व्यापारियों ने कहा कि विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार बिकवाली ने घरेलू प्रतिभागियों को जोखिम में डाल दिया है।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को सकल आधार पर 3,345.95 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची।

दुनिया भर में कोविड-19 संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर तीन लाख से अधिक हो गई है और इससे 14,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में संक्रमण के मामले बढ़कर 390 तक पहुंच गए हैं।