कोरोना वायरस: मध्य प्रदेश के 35 से अधिक जिले लॉकडाउन

भोपाल, कोरोना वायरस :नोवेल कोविड-19: के खतरे के मद्देनजर मध्यप्रदेश में 35 से अधिक जिलों में लॉकडाउन घोषित किया गया है। प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के छह मामलों की पुष्टि हुई है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिलों में लॉकडाउन की अवधि 72 घंटे से लेकर तीन अप्रैल तक है तथा अधिकांश जिलों में 31 मार्च तक लॉकडाउन घोषित किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य राजधानी भोपाल, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा, रीवा, शिवपुरी, कटनी, भिंड, शहडोल, अलीराजपुर, देवास, नीमच, सिंगरौली, गुना, रतलाम, मंडला, मंदसौर, बालाघाट, सिवनी, उज्जैन, श्योपुर, झाबुआ, जबलपुर, टीकमगढ़, डिंडोरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बैतूल, रायसेन, राजगढ़, छतरपुर, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, विदिशा, उमरिया, होशंगाबाद, अनूपपुर और अशोक नगर में लॉकडाउन घोषित किया गया है।

सूत्रों ने बताया कि इन सभी जिलों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा भी लागू की गई है।

इस बीच, प्रदेश के कार्यवाहक स्वास्थ्य मंत्री तरुण भनोट ने पीटीआई भाषा को बताया कि प्रदेश में कोरोना वायरस से पीड़ित छह मरीजों की हालत स्थिर है।

उन्होंने कहा कि जबलपुर में पांच कोरोना पीड़ित मरीज प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर 4,000 से अधिक लोगों के संपर्क में आए हैं। इन सभी लोगों को प्रोटोकॉल के अनुसार अलगाव में रहने की सलाह दी गई है।

भनोत ने कहा कि इस महामारी से निपटने के लिए इस वक्त जनता का सहयोग बहुत जरुरी है।

प्रदेश में कोरोना से पीड़ित छह लोगों में से पांच जबलपुर के हैं जबकि एक भोपाल का है।

कलेक्टर भोपाल तरुण पिथोड़े ने मीडिया और लोगों से अपील की है कि वे प्रभावित व्यक्तियों की पहचान उजागर न करें क्योंकि इससे उन पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ेगा।

प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार मध्यप्रदेश से अब तक कोरोना वायरस के संदिग्ध 75 लोगों के नमूने जांच के लिए विभिन्न प्रयोगशालाओं में भेजे गए हैं। इनमें से छह लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई जबकि 48 लोगों की रिपोर्ट नकारात्मक आई है तथा 21 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है।