कंपनी अधिनियम में संशोधनों को संसद से मंजूरी मिलने को लेकर आश्वस्त हूं : सीतारमण

नयी दिल्ली,  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि कंपनी अधिनियम में विभिन्न संशोधनों के संसद से पारित होने को लेकर वह आश्वस्त हैं।

कंपनी अधिनियम 2013 में किए जाने वाले यह संशोधन विभिन्न प्रावधानों के तहत कुछ अपराध के लिए जुर्माने को कम करने या अपराध के दायरे से बाहर करने, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अनुपालन में थोड़ी राहत देने के साथ-साथ एनक्लैट में अलग से शाखाएं स्थापित करने से जुड़े हैं।

कंपनी अधिनियम में सुधार के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सप्ताह की शुरुआत में ही कंपनी अधिनियम में 72 संशोधनों को मंजूरी प्रदान कर दी थी।

सीतारमण ने कहा, ‘‘मुझे पूरा विश्वास है कि संसद अपनी सूझबूझ से इन संशोधनों को पारित कर देगी।’’

सीतारमण के पास कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का भी प्रभार है।

वह यहां राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनक्लैट) द्वारा आयोजित एक समारोह के उद्घाटन सत्र में बोल रही थीं। एनक्लैट ने दिवाला कानून और संबंधित सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं पर न्यायिक संवदेनशीलता’ विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया था।

सीतारमण ने कहा, ‘‘सरकार लघु, मध्यम, बड़े या कॉरपोरेट जैसे हर तरह के पूंजी निर्माताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार किए जाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार को इन उद्यमियों पर विश्वास करना चाहिए।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि तीन साल पहले दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की व्यवस्था को लागू कर भारत ने एक बड़े काम को अंजाम दिया है।

उन्होंने कहा कि आईबीसी कानून को पारित कराते वक्त एक बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि इससे जुड़े संस्थान जल्द से जल्द धरातल पर आ जाएं और काम करना शुरू कर दें। इस मामले में आईबीसी प्रणाली एक बेहतरीन उदाहरण है।

आईबीसी-2016 में भी कुछ संशोधन के लिए एक विधेयक लोकसभा में सूचीबद्ध है।