अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष में सरपट वृद्धि की राह पर होगी: जीसीपीएल

नयी दिल्ली, चालू वित्त वर्ष के दौरान नोटबंदी और मांग की कमी से जूझ रहे तेल, साबुन, सौंदर्य प्रसाधन जैसे रोजमर्रा की खपत वाले एफएमसीजी उद्योग का मानना है कि अगले वित्त वर्ष में गतिविधियां तीव्र वृद्धि की राह पर लौट आयेंगी। एफएमसीजी क्षेत्र की प्रमुख घरेलू कंपनी गोदरेज कंजूमर प्राडक्ट्स लिमिटेड :जीसीपीएल: ने यह उम्मीद जाहिर की है।

जीसीपीएल के प्रबंध निदेशक विवेक गंभीर ने पीटीआई भाषा के साथ बातचीत में कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में एफएमसीजी क्षेत्र में तेजी लौट आयेगी। वृद्धि को समर्थन देने वाले बजट, सरकार के प्रोत्साहन और अतिरिक्त निवेश आने से वृद्धि होगी जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।’’ उन्होंने कहा, अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में नोटबंदी से जीसीपीएल के कारोबार में भी कुछ व्यवधान हुआ, वर्ष 2016-17 के परिणाम पर इसका असर पड़ सकता है लेकिन उन्हें लगता है कि मौजूदा तिमाही वर्ष की पिछली तिमाही के मुकाबले बेहतर होगी।

विवेक गंभीर ने कहा, ‘‘यदि नोटबंदी नहीं हुई होती तो तीसरी तिमाही काफी मजबूत होती और चौथी तिमाही उससे भी मजबूत होती। उस लिहाज से, विशेषतौर से अक्तूबर की गतिविधियों को देखते हुये, पूरे साल के हमारे परिणाम जैसा कि हम अनुमान लगाये हुये उससे कुछ नरम होंगे।’’ जीसीपीएल के पिछले सप्ताह जारी परिणाम में दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही में कंपनी का एकीकृत लाभ 4.34 प्रतिशत घटकर 351.78 करोड़ रपये रह गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की आय 8.75 प्रतिशत बढ़कर 2,485.77 करोड़ रपये पर पहुंच गई।

गंभीर ने कहा, ‘‘सुधार हमारी उम्मीद से कहीं बेहतर रहा है। तीसरी तिमाही में द्वितीय स्तर की बिक्री दो प्रतिशत बढ़ी है। हमने जितना सोचा था कारोबार में उससे अधिक तेजी के साथ सुधार हो रहा है और हमें पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ महीनों में ही स्थिति सामान्य हो जायेगी।’’