nirmal rani

धर्मनिरपेक्षता,उदारवाद हमारा राष्ट्रीय स्वभाव

आजकल यदि आप टेलीविज़न पर समाचार सुनने बैठें या समाचार पत्रों-पत्रिकाओं पर नज़र डालें तो एक बार तो ऐसा प्रतीत होगा गोया पूरे [...]

सडक़ों पर बिकता ‘ज़हर’:शासन-प्रशासन मौन?

आजकल हमारे देश के प्रमुख टीवी चैनल मोदी,योगी,तीन तलाक,गाय,गंगा,मंदिर-मस्जिद,अज़ान,जैसे विषयों पर चर्चा करने में इतना व्यस्त हैं कि उन्हें शायद आम नागरिकों को [...]

पैमान-ए-काबिलियत: जनप्रतिनिधि बनाम लोक सेवा अधिकारी

कहने को तो हमारे देश का विशाल लोकतंत्र संसदीय व्यवस्था,न्यायपालिका तथा कार्यपालिका जैसे स्तंभों पर टिका हुआ है। हालांकि चौथा स्वयंभू स्तंभ मीडिया [...]

ध्वनि प्रदूषण न हिन्दू न मुस्लिम,केवल हानिकारक

अनेकता में एकता जैसी विशेषता के लिए जो भारतवर्ष पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता था वही भारतवर्ष इन दिनों सांप्रदायिकतावादी,जातिवादी तथा [...]

जनप्रतिनिधि: लाईसेंस समाज सेवा का या गुंडागर्दी का?

हमारे देश में विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर कभी अपने अत्यधिक उत्साहित प्रशंसकों को या कभी पत्रकारों को अथवा कर्मचारियों के साथ [...]