वर्ष के अंत तक देश के सभी जिलों में ईएसआईसी के तहत चिकित्सा सुविधा : बंडारू दत्तात्रेय

कानपुर, इस साल के अंत तक देश के लगभग सभी 680 जिलों में ईएसआईसी के तहत चिकित्सा सुविधायें उपलब्ध कराने का वादा करते हुये केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने आज कहा कि कामगारों को सामजिक, रोजगार और वेतन सुरक्षा केंद्र सरकार की प्राथमिकता है और उनकी सरकार इसके लिये काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार हमें जमीन और अन्य सुविधायें उपलब्ध करा दे तो राज्य में ईएसआई की डिस्पेंसरी को अस्पताल में परिवर्तित कर दिया जाएगा और इसके लिये केंद्र सरकार 500 करोड़ रूपये खर्च करने को तैयार है ताकि हमारे कामगारों को अच्छी और बेहतर चिकित्सा कम पैसों में मिल सके। इस बारे में उत्तर प्रदेश सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है।

बंडारू दत्तात्रेय आज दोपहर कानपुर के ईएसआईसी सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल का शिलान्यास करने आये थे। इस मौके पर कानपुर के सांसद मुरली मनोहर जोशी भी मौजूद थे। कानपुर के पांडुनगर में ईएसआईसी का 312 बिस्तरों का सामान्य अस्पताल पहले से है। अब इसमें 300 बिस्तर सुपर स्पेशियालिटी के जोड़े जा रहे है जिससे अस्पताल की क्षमता 612 बिस्तरों की हो जायेंगी। 361 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाले इस सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल में कार्डियोलोजी, न्यूरोलोजी, न्यूरोसर्जरी, यूरोलोजी, नेफ्रोलोजी, आनकोलोजी, आप्थमालोजी तथा ब्लड बैंक की भी सुविधा होगी। नयी सुविधा के 15 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि देश में ईएसआईसी की शुरूआत सबसे पहले कानपुर में 1952 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने की थी। कानपुर में यह सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल खुल जाने से पूरे उत्तर प्रदेश के कामगारों को फायदा होगा और वे अपने गंभीर रोगों का इलाज यहां आकर करा सकेंगे ।

केंद्रीय मंत्री दत्तात्रेय ने कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देश के सभी जिलों में इस वर्ष के अंत तक ईएसआईसी की चिकित्सा सुविधायें मिलने लगेंगी। उत्तर प्रदेश में 15 डिस्पेंसरी को अस्पताल के रूप में उन्नत करने की योजना है। अगर राज्य सरकार जमीन आदि सुविधायें दे तो हम उत्तर प्रदेश में 45 ईएसआईसी अस्पताल बनाने को तैयार हैं। इसके लिये केंद्र सरकार 500 करोड़ रूपये देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि इस बारे में हमने राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है जिस पर राज्य सरकार को जल्दी निर्णय लेना चाहिये। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का उददेश्य है कि मजदूर की सामाजिक, रोजगगार और वेतन सुरक्षा कायम रहे। ईएसआईसी के लिए न्यूनतम राशि 21 हजार रूपये कर दी गयी है तथा इसे और बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। हमारा लक्ष्य कामगारों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ाना है। अभी ईपीएफओ के पेंशनरों को 1000 रूपये की पेंशन मिल रही है लेकिन कामगारों की मांग इसे 3000 रूपये तक बढाने की है जिस पर केंद्र सरकार विचार कर रही है। अभी हम 25 लाख लोगों को पेंशन दे रहे है और यह संख्या बढ़ाकर 50 लाख करने पर भी विचार चल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 तक सभी लोगों के लिए मकान की बात कही है, इसी के तहत हम चाहते है कि कामगारों के पास अवकाशग्रहण के समय एक मकान होना चाहिये। इसके लिये ईपीएफओ से बात की है और उसे स्कीम बनाने को कहा गया है।

भारत द्वारा किए गए लक्षित हमले के बारे में सवाल किए जाने पर उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया और कहा कि यह हमारा विषय नही है। रोहित वेमुला दलित है या नही, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है और वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

कार्यक्रम शुरू होते ही आयोजन स्थल के प्रवेश द्वार पर बिजली के तार में शार्ट स* र्*ट होने से मामूली आग लग गयी और इससे कुछ मिनट के लिये लोगों में घबराहट पैदा हो गयी। लेकिन आग पर तुरंत काबू पा लिया गया ।