इंसानों पर परीक्षण में इबोला का टीका पाया गया सुरक्षित और प्रभावी: डब्ल्यूएचओ

जिनेवा,  गिनी में इंसानों पर किए गए एक बड़े परीक्षण में इबोला का एक प्रायोगिक टीका इस घातक वायरस के खिलाफ 100 प्रतिशत प्रभावी पाया गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने यह जानकारी देते हुए कहा है कि इससे चिकित्सकों को इस बीमारी के किसी भावी प्रकोप से निपटने के लिए एक सुरक्षित और कारगर हथियार मिल गया है।

यह अब तक ज्ञात सबसे घातक रोगाणुओं में से एक से फैलने वाले संक्रमण को रोकने वाला पहला टीका है। हालिया परिणाम पिछले साल प्रकाशित शुरूआती परीक्षण के परिणामों को पुख्ता करते हैं।

द लैंसेट जनरल में छपे परिणामों के अनुसार, आरवीएसवी-जेडईबीओवी नामक टीके का परीक्षण पिछले साल गिनी में 11,841 लोगों पर किया गया था। टीका लेने वाले 5,837 लोगांे में टीकाकरण के 10 दिन या अधिक बाद इबोला का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।

वहीं, जिन लोगों को टीका नहीं मिला था, उनमें 23 मामले ऐसे थे जिनमें टीकाकरण के 10 दिन या अधिक के बाद इबोला का संक्रमण पाया गया।

परीक्षण का नेतृत्व विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गिनी के स्वास्थ्य मंत्रालय और अन्य अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर किया था।

डब्ल्यूएचओ की सहायक महानिदेशक :हैल्थ सिस्टम एंड इनोवेशन: और अध्ययन की प्रमुख लेखिका डॉ मैरी-पॉले कैनी ने कहा, ‘‘हालांकि पश्चिमी अफ्रीका की इबोला महामारी के दौरान अपनी जान गंवा चुके लोगों के लिए ये आशाजनक परिणाम बहुत देर से आए हैं। लेकिन ये परिणाम दिखाते हैं कि अगली बार जब भी इबोला की महामारी आएगी, तब हम असहाय नहीं होंगे।’’