म.प्र. कल्याण परिषद (पिकप) की ओ.बी.सी. चिंतन बैठक

उज्जैन। म.प्र. पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद (पिकप) के तत्वावधान में ओ.बी.सी. चिंतन बैठक २३ फरवरी को होटल उज्जैयिनी में आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता जी.पी. माली अध्यक्ष पिकप ने की। इस बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग के उत्थान से संबंधित प्रदेश सरकार के नीति निर्देशों के परिपालन आ रही रुकावटों के समाधान, सामाजिक, शैक्षणिक, राजनैतिक क्षेत्रों आबादी के अनुपात में नाम मात्र का प्रतिनिधित्व होने, इन वर्गों के समाज की सत्ता प्रशासन में भागीदारी अत्यंत कम है, जिसमें प्रदेश की आधे से भी अधिक जनसंख्या (52 प्रतिशत से भी अधिक) वाला बहुसंख्यक समाज राष्ट्र की मुख्य धारा से नहीं जुड़ पा रहा है। कार्यपालिका के न्यायपालिका में समुचित प्रतिनिधित्व नहीं होने के कारण ओ.बी.सी. के लोग यथोचित सामाजिक न्याय के अधिकारिता से वंचित है।
बैठक में कई वक्ताओं ने खेद यह तथ्य रेखांकित किया है कि मण्डल और महाजन आयोग की सिफारिशें सरकार को अंतिम रुप से सौंपे जाने के लगभग 40 वर्षों बाद भी इनका एक चौथाई से भी कम हिस्सा लागू हो पाया है। इनके त्वरित क्रियान्वयन के लिये पूरे प्रदेश में जोरदार मुहिम चलाने का संकल्प बैठक में लिया गया। आगामी नगरीय निकायों के चुनाव में अधिक से अधिक ओबीसी के लोग निर्वाचित हो। इस अवसर पर पिछडे वर्गों के कई समाजों के प्रतिनिधि गण, ओ.बी.सी. की विभिन्न संस्थाओं संगठनों के पदाधिकारी गण न्यायिक व प्रशासनिक क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित है। प्रमुख रूप से श्रीमती विभा पटेल पूर्व महापौर भोपाल, राजेन्द्र भारती, जगदीश सैनी, बहादुर सिंह लोधी आदि सम्मिलित हुये। जिन एजेण्डा प्रस्तावों पर इस चिंतन बैठक में निर्णय लिया गया उनमें ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण बाबत् प्रदेश सरकार हाईकोर्ट में प्रभावी रूप से पक्ष प्रस्तुतिकरण करें। अप्रैल 2020 से जो जनगणना की जानी है, उसमें धर्म, जाति वाले कॉलम में अन्य पिछड़ा वर्ग (अपिव) के उल्लेख को जोड़े जाने हेतु जिले से राज्य स्तर तक एक-एक ज्ञापन जनगणना आयुक्त को भेजा जाए। ताकि ओ.बी.सी. वास्तविक गणना के आकड़े प्राप्त किये जा सकें, जिसमें कि इन वर्गों के उत्थान की योजनाओं को औचित्य पूर्ण ढंग से लागू किया जा सकें। इस प्रकार केन्द्र और राज्य सरकारों से निवेदन किया जा रहा है। जाति प्रमाण पत्र बनवाने असुविधाओं को दूर किया जाएं। क्रीमिलेयर की भ्रांतियाँ दूर की जाएं। उच्च शिक्षक एवं व्यवसायिक संस्थाओं की प्रदेश परीक्षाओं, भरती प्रक्रिया में मेरिट में चयनित अभ्यर्थियों से आरक्षित कोटे को म.प्र. अधिनियम 1994 के अनुसार अप्रभावित रखा जाएं। राजनैतिक व अर्थिक क्षेत्रों में ओबीसी की भागीदारी को बढ़ाने के उपाय किये जाएं। इन सब विषयों पर जन जागरण धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन आदि सौंपे जाने व राजनैतिक व सामाजिक चेतना के निहितार्थ निकट भविष्य में कार्ययोजना तैयार कर प्रदेश व्यापी अभियान चलाने जाने का निर्णय लिया गया। इन मांगों के लिये कार्यक्रम के संयोजक मुन्नासिंह कुशवाह ने बताया कि निकट भविष्य में एक विशाल सम्मेलन किया जाएगा। बैठक को सुरेन्द्र सांखला, बहादुरसिंह लोधी, रामेश्वर ठाकुर ने संबोधित किया। संचालन महामंत्री प्रकाश मालवीय ने किया।