इंदौर में महिलाएं ई-रिक्शे चलाकर बन रहीं सबला

भोपाल, मध्यप्रदेश में महिला सशक्तीकरण के प्रयास जारी हैं, इसी क्रम में इंदौर में महिलाओं द्वारा संचालित ई-रिक्शा सेवा शुरू की गई है।

इस सेवा का आगामी समय में राज्य के अन्य हिस्सों में भी विस्तार होगा। यानी राज्य के बड़े हिस्से में ई-रिक्शा सेवा की कमान महिलाओं के हाथ में होगी। इंदौर राज्य का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां महिलाओं की नगर परिवहन सेवा में हिस्सेदारी बढ़ी है। यहां ई-रिक्शा चलाने की जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शनिवार को इंदौर में महिला चालकों को ई-रिक्शे की चाबियां सौंपने के बाद इसकी सवारी भी की।

 

महिला चालकों को मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना के तहत जो ई-रिक्शे दिए गए हैं, वे अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हैं। इन रिक्शों में सवारी मुफ्त वाई-फाई का उपयोग कर सकेगी और एफएम रेडियो सुन सकेगी।

इतना ही नहीं, डिजिटल पेमेंट के माध्यम से भुगतान करने की सुविधा भी इसमें शामिल है।

रिक्शे में मोबाइल एप्लीकेशन, जीपीएस ट्रेकिंग, मोबाइल चार्जिग आदि की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

 

योजना में पंजीकृत महिला चालकों को ई-रिक्शा के लिए 30 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। इसके अलावा 37 हजार रुपये की सब्सिडी और सात प्रतिशत के ऊपर ब्याज पर भी सब्सिडी दी जा रही है।

इंदौर में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस सेवा की शुरुआत करते हुए कहा, “राज्य के अन्य हिस्सों में भी महिला संचालित ई रिक्शा सेवा शुरू की जाएगी। प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा उनकी सुरक्षा की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि महिलाएं स्वावलंबी बनें और सम्मान के साथ जिएं।”

उन्होंने कहा कि ई-सवारी रिक्शा सेवा से महिलाओं को रोजगार मिलेगा और वे आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगी।