दक्षिण अफ्रीका स्थित टॉलस्टॉय फार्म में महात्मा गांधी, मंडेला की प्रतिमा का अनावरण

जोहानिसबर्ग,  जोहानिसबर्ग स्थित टॉलस्टॉय फार्म में महात्मा गांधी और नेल्सन मंडेला की दो आदमकद प्रतिमाओं का अनावरण किया गया।

महात्मा गांधी जब दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में वकालत कर रहे थे तब उन्होंने सत्याग्रह की शुरूआत की थी और उन दिनों टॉलस्टॉय फार्म सत्याग्रह का मुख्यालय बन गया था।

इस फार्म का नाम प्रख्यात रूसी लेखक टॉलस्टॉय पर है, जिनके प्रशंसक बापू खुद थे।

भारतीय उच्चायुक्त जयदीप सरकार ने प्रख्यात गांधीवादी और दक्षिण अफ्रीका सामाजिक कार्यकर्ता मोहन हीरा की अगुवाई में संचालित महात्मा गांधी रिमेम्बरेंन्स ऑर्गनाइजेशन (एमजीआरओ) की सराहना की, जिसने टॉलस्टॉय फार्म की हालत सुधारने के लिए कई कदम उठाए। दशकों की अनदेखी के चलते टॉल्सटॉय फार्म उजाड़ हो गया था।

करीब दो दशक पहले मोहन हीरा ने अपने खर्च से इस फार्म की हालत सुधारना शुरू किया। उन्होंने पौधे लगाए और दीवारें बनाईं। स्थानीय भारतीय समुदाय ने भी योगदान दिया और सबकी मेहनत रंग लाई।

सरकार ने कहा कि उनका कार्यालय और जोहानिसबर्ग में महावाणिज्य दूत अंजू रंजन आगे भी इस स्थान के संरक्षण के लिए योगदान करेंगे।

सरकार ने कहा ‘‘हमने आज तो इस स्थान को संरक्षित कर लिया है लेकिन आने वाले कल के लिए मैं आप सबसे सहयोग की अपील करता हूं ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए हम इस धरोहर को सुरक्षित रख सकें।’’

करीब दो सप्ताह पहले अपना पद भार संभालने वाली अंजू रंजन ने कहा कि उन्होंने किताबों में पढ़ा था कि गांधी के समय यह टॉलस्टॉय फार्म कितना हराभरा और खूबसूरत था लेकिन जब वह यहां पहुंची तो इसकी हालत देखकर उन्हें बहुत निराशा हुई।

अंजू ने भी आश्वासन दिया कि इस स्थान को पहले की तरह बनाने के लिए वह अपनी ओर से हरसंभव योगदान देंगी।