बाबा साहब एक व्यक्ति नहीं एक सोच है: कमलनाथ

छिंदवाड़ा,  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज कहा कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडर एक व्यक्ति नहीं एक सोच है, युवा पीढी को इस सोच से परिचय कराने की जरुरत है।श्री कमलनाथ ने यहां सत्कार चौक पर 63 वें धर्म चक्र प्रवर्तन कार्यक्रम में अवसर पर अपने उद्गार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हमें नई पीढ़ी पर ध्यान देना होगा कि आज की नई पीढ़ी की अपनी क्या सोच है, उन्हें भारत की संस्कृति और बाबा साहब की सोच से परिचित कराए जाने की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हर धर्म का एक संदेश होता है। ठीक इसी प्रकार बौद्ध धर्म का भी जो संदेश है, उसकी आज सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में भी आवश्यकता है। बाबा साहेब अंबेडकर देश के ही नहीं बल्कि विश्व के हैं, जिनके कारण हमारे देश की बुनियाद खड़ी है। विभिन्न भाषा, जाति, त्यौहार और धर्म के होते हुये भारत आज बाबा साहब अंबेडकर के संविधान के कारण एक झंडे के नीचे है।उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं बाबा साहब अंबेडकर की सोच के कारण ही कई अफ्रीकी देशों को स्वतंत्रता मिली और अपने संविधान में उनकी सोच को अपनाया गया। वे लोग बाबा साहब अंबेडकर को अपना मार्गदर्शक मानते हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ गौतम बुद्ध और डॉ.भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर किया।इस अवसर पर गुप्त ध्यान केंद्र एवं पाली भाषा रिसर्च के लिये 5 एकड़ जमीन की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मांग की चिंता न करें, मेरी तरफ से स्वभाविक तौर पर मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के उपरांत मार्ग में पेंशनर्स समाज कार्यालय के समीप बने सेल्फी प्वाइंट पर बैठकर सेल्फी भी ली। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जिले के प्रभारी मंत्री सुखदेव पांसे सहित अन्य नेता एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।