‘एग्जोस्केलेटन’ की मदद से फिर से चल फिर पाएगा लकवाग्रस्त व्यक्ति

पेरिस,  फ्रांस में लकवे से ग्रस्त एक व्यक्ति मस्तिष्क नियंत्रित ‘एग्जोस्केलेटन’ (बाहरी ढांचा) की मदद से फिर से चल सकने में समर्थ हो पाया है। इस उपलब्धि के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि यह किसी हादसे या रोग के कारण लकवाग्रस्त हुए लोगों (टेट्राप्लेजिक) के लिए उम्मीद की किरण बन कर आई है।

टेट्राप्लेजिक उन लोगों को कहा जाता है जो किसी चोट या बीमारी के कारण लकवे से ग्रस्त हो जाते हैं जिसके चलते उनके हाथ-पैर पूरी तरह या आंशिक रूप से काम करना बंद कर देते हैं।

मरीज को इसका इस्तेमाल करना सिखाने के लिए कई महीनों तक प्रशिक्षण दिया गया। इसमें उसे आधारभूत क्रियाएं करने के लिए मस्तिष्क के संकेतों के जरिए कंप्यूटर आधारित साकार रूपों को नियंत्रित करना सिखाया गया ।

यह परीक्षण करने वाले डॉक्टरों ने आगाह किया है कि इस उपकरण को सार्वजनिक प्रयोग के लिए सामने रखने में अभी कई साल का वक्त है लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इसमें मरीजों के जीवन का स्वरूप सुधारने तथा उन्हें और अधिक स्वायत्ता देने की क्षमता है।

लायोन के 28 वर्षीय थिबॉल्ट ने कहा कि इस प्रौद्योगिकी ने उसे नया जीवन दिया है। नाइट क्लब में एक हादसे के दौरान चोट लगने के बाद वह लकवाग्रस्त हो गया था।