राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150 वें जयंती वर्ष पर होंगे अनेक आयोजन

उज्जैन। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150 वें जयंती वर्ष के अवसर पर विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन की विभिन्न अध्ययनशालाओं, संस्थानों और छात्रावासों में नवीन शिक्षा सत्र में अनेक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। देश के विभिन्न भागों के  मनीषी, समाजसेवियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और संस्कृतिकर्मियों की सहभागिता के साथ राष्ट्रीय संगोष्ठी, व्याख्यान, प्रदर्शनी, प्रतियोगिता, समूह चर्चा आदि के माध्यम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान को लेकर मंथन किया जाएगा। ये कार्यक्रम जुलाई से अक्टूबर प्रथम सप्ताह तक आयोजित किए जाएंगे।
अकादमिक कार्यक्रमों में देश के प्रख्यात चिंतकों, साहित्यकार, विशेषज्ञ और शोधकर्ताओं द्वारा विशिष्ट व्याख्यान, शोध आलेख प्रस्तुति एवं संवाद होगा। विश्वविद्यालय की विभिन्न अध्ययनशालाओं के साथ ही गांधी अध्ययन केंद्र, रासेयो और एनसीसी इकाई आदि द्वारा कार्ययोजना तैयार की गई है। इस वर्ष की कार्ययोजना के अंतर्गत तीन से आठ दिन तक के कार्यक्रम सभी संकायों की अध्ययनशालाओं, संस्थानों और छात्रावासों द्वारा आयोजित किए जाएंगे।
इस शृंखला में जुलाई माह में विश्वविद्यालय के गाँधी अध्ययन केन्द्र और हिन्दी अध्ययनशाला के संयुक्त तत्त्वावधान में त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन होने जा रहा है। संगोष्ठी का विषय है – ‘महात्मा गाँधी : भाषा, साहित्य और लोक संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में।‘ इस अवसर पर  दुनिया भर के अस्सी से अधिक देशों के  डाक – टिकटों और मुद्राओं में महात्मा गांधी के रूपांकन पर एकाग्र प्रदर्शनी संयोजित की जाएगी।
वाग्देवी भवन स्थित राष्ट्रभाषा सभागार में 19 से 21 जुलाई 2019 तक आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर व्याख्यान एवं आलेख प्रस्तुति होगी। इन विषयों में प्रमुख हैं- महात्मा गांधी का भाषा चिंतन, हिंदी साहित्य पर महात्मा गांधी का प्रभाव,महात्मा गांधी की पत्रकारिता, लोक साहित्य एवं संस्कृति में प्रतिबिंबित गांधी, गांधी जी का साहित्य चिंतन, महात्मा गांधी और बाल साहित्य, समकालीन विमर्श और महात्मा गांधी, महात्मा गांधी का भारतीय एवं विश्व साहित्य पर प्रभाव , महात्मा गांधी और समकालीन भारतीय कला, महात्मा गांधी और भारतीय सिनेमा, महात्मा गांधी का समाज चिंतन, सामाजिक समरसता में गांधी चिंतन का अवदान आदि। इस अवसर पर कविताओं में महात्मा गांधी की अनुगूंज पर विशेष कार्यक्रम होगा, जिसमें रचनाकार अलग – अलग भाषाओं में गांधी जी के प्रति भावांजलि अर्पित करेंगे।