पूर्व सरकार के नेता भ्रष्ट थे, राष्ट्र हित से ऊपर अपने हित को रखते थे : मोदी

नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व की कांग्रेस नीत संप्रग सरकार पर रविवार को यह कहते हुए हमला बोला कि उसके नेतागण भ्रष्टाचार में लिप्त थे और उन्होंने निजी हितों को राष्ट्र हित से ऊपर रखा।

साथ ही, उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि पूर्व सरकार में उपग्रह भेदी मिसाइल के परीक्षण की राजनीतिक इच्छाशक्ति का ‘अभाव’ था जबकि देश के पास इसके निर्माण की क्षमता थी।

प्रधानमंत्री ने समूचे विपक्ष पर भी यह कहते हुए निशाना साधा कि लोगों ने उन्हें काम करने के लिए चुना था लेकिन वे अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहे।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे सभी गलत मुद्दे उठाए और बालाकोट घटनाक्रम का सबूत मांग कर सशस्त्र बलों पर सवाल उठाए।

उन्होंने सिर्फ “सबूत” का संदर्भ दिया लेकिन हवाई हमले या बालाकोट का जिक्र नहीं किया था।

उन्होंने कहा, “सबूत क्यों मांगना…पाकिस्तान के पक्ष में क्यों बोलना।”

मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार के पास दबाव झेलने की राजनीतिक इच्छाशक्ति है और वह राष्ट्र हितों में तत्काल निर्णय कर सकती है।

उन्होंने यहां टीवी 9 ‘भारतवर्ष’ चैनल की शुरूआत के मौके पर कहा, “राष्ट्र हितों के फैसलों में देरी करना आपराधिक लापरवाही के समान है।’’

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार “प्रतिबद्धता में यकीन रखती है न कि भ्रम फैलाने में।”

उन्होंने आरोप लगाया कि जिन्होंने पहले देश चलाया उन्होंने “भ्रष्ट व्यवहार” के कारण विकास के रास्ते में बाधा पैदा की।

मोदी ने कहा कि पूर्व में जो सत्ता में थे उन्होंने “राष्ट्र हित से पहले निजी हित” को रखा।

उन्होंने दावा किया, “भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए चीजों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी क्या उनकी नहीं थी..लेकिन उनकी मंशा ईमानदार नहीं थी।”

उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार ने काले धन की जांच के लिए विशेष जांच टीम के गठन के निर्णय में देरी की।

मोदी ने कहा, “हमने कैबिनेट की अपनी पहली ही बैठक में एसआईटी गठित करने का निर्णय किया।”

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने काला धन वापस लाने के लिए बहुत कम पहल की और इस संबंध में विदेशी सरकारों के साथ “कमजोर’ समझौते किए।

मोदी ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकार ने जहां 2जी स्पैक्ट्रम आवंटन, राष्ट्रमंडल खेल, बोफोर्स होवित्जर और अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाले दिए वहीं उनकी सरकार बहुत पारदर्शी तरीके से कदम बढ़ा रही है।

राफेल सौदे का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय को उनकी सरकार की रक्षा तैयारियों में कुछ गलत नहीं मिला।

काले धन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जब सरकार दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता बना रही थी तो उन पर कुछ लोग बहुत ज्यादा दबाव बना रहे थे जो जानते थे कि इसकी सबसे ज्यादा मार उन पर पड़ेगी।

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने चीजों का विकेंद्रीकरण किया है और ध्यान अब राज्यों पर है।