शादी के लिये बैंकों से ढाई लाख रूपए की निकासी बनी मुसीबत

जयपुर,  रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश के अनुसार बैंकों से शादी के लिये ढाई लाख रूपए निकालने के लिए मिली छूट शादी वाले परिवारों को राहत की बजाय मुसीबत लग रही है। बैंक शाखाओं के प्रबंधकों के अनुसार, शादी के लिये बैंक से अधिक राशि निकालने वालों को जब बैंक प्रशासन द्वारा रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश की जानकारी दी जाती है तो उन्हें पूरी करने वे अपनी असमर्थता जताते हैं। दिशानिर्देश के अनुसार, जिनके घर में ‘शहनाई बजने वाली है उन्हें उन बैंक से निकाली जा रही राशि के भुगतान के ब्यौरे के साथ-साथ जिन लोगों को भुगतान किया जा रहा है, उनसे एक घोषणा पत्र लेना होगा। इसमें उन्हें बताना होगा कि उनका बैंक में खाता नहीं है।

21 नवम्बर को रिजर्व बैंक ने शादी के लिये बैंकों से एक साथ ढाई लाख रूपये की निकासी के दिशा निर्देशों में राशि की निकासी करने वाले को इस राशि के उपयोग के विस्तृत ब्यौरे के साथ साथ भुगतान प्राप्तकर्ता से एक डिक्लेरेशन लेना है जिसमें उसका बैंक खाता नहीं होने की जानकारी देना अनिवार्य किया गया हैं।

रिजर्व बैंक की ओर से जारी दिशानिर्देश में 22 नवंबर को एक संशोधन किया गया, जिसमें शादी वाले लोगों को थोडी राहत दी गई है। दस हजार रूपए तक के भुगतान में डिकलेरेशन की इस शर्त में छूट दी गई है।

आगामी चार दिसंबर को अपनी बिटिया के हाथ पीले करने जा रहे सुरेश कुमार ने बताया कि जब वह बैंक से ढाई लाख रूपए एक साथ निकालने गये तो बैंक प्रबंधक ने उन्हें रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश से जुड़ी जो शर्तें बताईं, उन्हें पूरा करना उनके लिये मुश्किल था, क्योंकि भुगतान प्राप्तकर्ता से लिखित में लेना कि उनका बैंक खाता नहीं है, यह मुश्किल है। ‘शादी से जुड़े हलवाई, लाइट, टेंट, बैंड बाजे वाले सहित सभी लोगों के आमतौर पर बैंक खाते होते हैं और मुश्किल केवल छोटे खचरें, ‘शादी में लेन देन, पंडितों को दी जाने वाली छोटी राशि में होती है, जिनका अनुमान लगाना कठिन कार्य है।’ मानसरोवर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की ‘शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को ‘‘शादी के काम के लिये बैंक से एक साथ ढाई लाख रूपए निकालने के लिये पांच लोगो में से दो लोगों ने अर्जी लगाई थी लेकिन रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश को पूरा नहीं करने के कारण वे बिना धन निकाले लौट गये।’’ जेएलएन मार्ग स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि कल एक दूल्हा अपनी ‘शादी के लिये ढाई लाख रूपए निकालने की अर्जी और ‘शादी का कार्ड लेकर आया था, लेकिन रिजर्व बैंक के दिशानिर्देश के अनुसार बचत बैंक खाते में ढाई लाख रूपए की राशि 8 नवम्बर तक होनी चाहिए लेकिन उसने अपने खाते में यह राशि 10 नवंबर को जमा कराई थी। इस कारण वह धन निकालने में अयोग्य था।’’ रिजर्व बैंक द्वारा जारी दिशानिर्देश के अनुसार, बचत खाते से ‘शादी के लिये ढाई लाख रूपए एक साथ निकालने के लिये कुछ ‘शर्तों के साथ 30 दिसम्बर तक की छूट दी गई है । बचत खाते में आठ नवंबर :नोट बंदी की तारीख: को ढाई लाख रूपए की राशि होना अनिवार्य है। इस राशि को दूल्हा दूल्हन और उनके माता-पिता द्वारा निकाला जा सकता है, लेकिन उन्हें दिशानिर्देश के अनुसार दस्तावेज बैंक में प्रेषित करने होंगे ।