पुराने डिब्बों की जगह आधुनिक दुर्घटना रोधी कोच लगाने का काम तेज होगा :प्रभु

नयी दिल्ली,  रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने कल कानपुर के पास हुई रेल दुर्घटना पर गहरा दुख प्रकट करते हुए आज लोकसभा में बताया कि घटना के कारणों ंका पता लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा आयुक्त की जांच के साथ अलग से एक उचित एजेंसी द्वारा फोरेंसिक विश्लेषण युक्त जांच के आदेश दिये गये हंै।

उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेनों में इस्तेमाल मौजूदा पुराने आईसीएफ डिब्बों की जगह आधुनिक कोचों को लगाने के काम को तेज किया जाएगा।

रेल मंत्री ने कहा कि फिलहाल इस्तेमाल में लाये जा रहे पुरानी तकनीक वाले आईसीएफ डिब्बों में आधुनिक कोचों की तरह दुर्घटना के प्रभाव को रोकने की विशेषताएं नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस सदन को पिछले रेलवे बजट के दौरान सूचित किया था कि इस तरह के पुराने कोचों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा और हटाया जाएगा। इस काम में तेजी लाई जाएगी।’’ रेल मंत्री ने कल के रेल हादसे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए निचले सदन में दिये अपने बयान में कहा, ‘‘घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा आयुक्त :सीआरएस: की वैधानिक जांच का आदेश दे दिया गया है। आधुनिक तकनीकी और फोरेंसिक विश्लेषण के साथ एक उचित एजेंसी द्वारा अलग से एक व्यापक जांच भी की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’ कल झांसी-कानपुर सेक्शन के मलासा और पुखरायां स्टेशन के बीच तड़के 3:04 बजे इंदौर-राजेंद्रनगर :पटना: एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गये थे जिनमें तीन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये।

प्रभु ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर सदन को सूचित करते हुए कहा, ‘‘ताजा जानकारी के अनुसार अब तक 133 यात्रियों की मौत हो चुकी है, 58 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं और 122 मुसाफिरों को मामूली चोट आई हैं।’’