सेवा से बख्रास्त किया गया कर्मचारी बकाया वेतन का हकदार: उच्च न्यायालय

चेन्नई, मद्रास उच्च न्यायालय ने कहा है कि सेवा से बख्रास्त कर दिया बैंक कर्मचारी उसे जांच रिपोर्ट सौंपे जाने तक बकाया वेतन पाने का हकदार है।

अदालत ने हाल में अपने अंतरिम आदेश में कहा, ‘‘जबतक जांच रिपोर्ट याचिकाकर्ता को सौंप नहीं दी जाती तबतक वह बकाया वेतन पाने का हकदार होगा, चाहे रिपोर्ट कैसी भी हो।’’ न्यायमूर्ति हुलुवाडी जी रमेश और न्यायमूर्ति वी पार्तिबान की खंडपीठ ने एस पलानिनाथन नामक एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई के दौरान इस संबंध में अंतरिम आदेश दिया। यह व्यक्ति नामक्कल जिले के वारूगुर गांव का निवासी है।

याचिकाकर्ता ने सेट्रल बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा आठ नवंबर, 2013 को जारी उसका बख्रास्तगी आदेश खारिज करने और सभी संबंधित लाभों के साथ नौकरी बहाल करने का अनुरोध किया है।

बैंकिंग सेवा भर्ती बोर्ड द्वारा अनुसूचित जनजाति के कोटे के तहत चयनित होने के बाद याचिकाकर्ता को एक नवंबर, 1983 को लिपिक नियुक्त किया गया था।