आने वाले चुनाव में भाजपा का एजेंडा ‘‘विकास, तीव्र विकास, सबके लिये विकास है’’ : मोदी

नयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि आने वाले चुनाव में भाजपा का एजेंडा ‘‘विकास, तीव्र विकास और सबके लिए विकास’’ है तथा भाजपा कार्यकर्ताओं को विपक्ष की आलोचनाओं से विचलित हुए बिना जनता के समक्ष सरकार के विकास कार्यो को रखना चाहिए ।

प्रधानमंत्री ने ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के तहत नरेन्द्र मोदी एप के जरिये मछलीशहर, महासमंद, राजसमंद, सतना, बेतूल में पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए कहा, ‘‘ आने वाले चुनावों में हमारे तीन एजेंडा हैं– विकास, तेज गति से विकास और सबके लिए विकास । भाजपा के कारण ही विकास देश में चुनाव का एजेंडा बन गया है ।’’

प्रधानमंत्री ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पुरानी सरकारों के समय की दुर्दशा के बारे में जनता को बार बार याद दिलाये। साथ ही अपनी सरकार के विकास कार्यो के बारे में उन्हें बतायें ।

उन्होंने दावा किया कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ, राजस्थान में भाजपा के शासन के दौरान इन राज्यों ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है ।

भाजपा के एक कार्यकर्ता द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इसकी चिंता न करें । ग्रामोफोन के रिकार्ड में जब पिन अटक जाती है तो एक ही बात बार बार सुनाई देती है । ऐसे ही कुछ लोग भी होते हैं जिनकी पिन अटक जाती है । इसका मजा उठाना चाहिए, आनंद लेना चाहिए ।

मोदी ने कहा, ‘‘ चुनाव की आपाधापी में इन चीजों का आनंद उठायें ।’’

कांग्रेस नेता पर परोक्ष निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘इनको समझ नहीं आ रहा है कि वक्त बदल गया है, जनता को मूर्ख समझना बंद करें ।’’

मोबाइल फैक्टरी खोलने के बारे में कांग्रेस अध्यक्ष के बयान के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने सवाल किया, ‘‘ मोबाइल का आविष्कार क्या 2014 के बाद हुआ था? 2014 के पहले भी मोबाइल थे, जिन लोगों ने इतने साल राज किया, उनके समय में सिर्फ दो ही मोबाइल फैक्टरियां क्यों थीं?’’

एक रैंक, एक पेंशन लागू करने के राहुल गांधी के बयान के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज ये लोग एक रैंक, एक पेंशन की बातें कर रहे हैं। दशकों से ये मामला लंबित था, तब क्यों कुछ नहीं किया। ‘‘ जब हमने वन रैंक, वन पेंशन लागू कर दी, तब जाकर वे कह रहे हैं कि हम देंगे ।’’

उन्होंने कहा कि वे :कांग्रेस नेता: झूठ पर झूठ बोल रहे हैं और इसका मजा लें ।

डिजिटल इंडिया का विपक्ष की आलोचना के बारे में एक सवाल के जवाब में मोदी ने कहा कि कांग्रेस के लोग जिन जिन मुद्दों पर जोर जोर से झूठ बोलने लगे तब समझना चाहिए कि हम अपने काम में सफल रहे हैं ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज डिजिटल इंडिया कदम कदम पर सुदूर गांव तक लोगों की मदद को खड़ा है । डिजिटल इंडिया के माध्यम से लोगों के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन आ रहा है ।

उन्होंने कहा कि जब लोग और सरकार मिलकर काम करते हैं तभी सकारात्मक परिणाम आता है । सरकार कहती है कि पराली मत जलाओ, पराली मत जलाओ। लेकिन यह जनभागीदारी से ही संभव होगा ।

अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों में क्या हुआ, उसके बारे में वह नहीं बोले, तो अच्छा है । उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि हर परिवार, देश का हर भूभाग विकास करे ।

गरीबी उन्मूलन के अपने सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि पहले की सरकारों की सबसे बड़ी गलती यह थी कि उनके लिये गरीबी शब्द चुनावी वोट बैंक का हिस्सा थी और उनके राजनीतिक फायदे में थी ।

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार गरीब कल्याण के कार्य में जुटी है ।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ मैं लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का हमेशा से ही आग्रही रहा हूं । सरकार भी इसी दिशा में काम कर रही है । ’’ उन्होंने कहा कि आज कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से करोड़ों भारतीयों का न सिर्फ जीवन आसान हुआ है, बल्कि उनका भविष्य भी संवर रहा है ।

मोदी ने कहा कि पहले अगर किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करनी होती थी, तो गांव में इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। लेकिन आज वाई-फाई और ऑनलाइन स्टडी ने युवाओं की इस सबसे बड़ी परेशानी का हल कर दिया है ।

उन्होंने कहा कि मनरेगा की योजना तो पहले से चली आ रही है । लेकिन पहले क्या होता था । अपने पैसे लेने के लिए कई-कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। ऊपर से बिचौलिया भी कुछ पैसे मार लेता था, लेकिन आज टेक्नोलॉजी की मदद से मजदूरी आसानी से मिल जाती है । आज छात्रों के खाते में छात्रवृति पहुंच जाती है ।

प्रधानमंत्री ने अपने संवाद के दौरान गुजरात में सरदार बल्लभभाई पटेल की प्रतिमा राष्ट्र को समर्पित करने का उल्लेख किया और कहा कि यह उनके मन को संतोष देने वाला पल था ।

मोदी ने नरेन्द्र मोदी एप के जरिये पार्टी कोष में चंदा एकत्र करने के अभियान का भी जिक किया । भाषा दीपक

दीपक माधव माधव 3110 1839 दिल्ली जसजस आवश्यक .दिल्ली दि 71 अदालत लीड हाशिमपुरा स्वामी हाशिमपुरा मामला : उच्च न्यायालय ने सीबी-सीआईडी रिपोर्ट सार्वजनिक करने का स्वामी का अनुरोध स्वीकारा

नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मेरठ के हाशिमपुरा इलाके में 1987 में हुए जनसंहार मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की सीबी-सीआईडी रिपोर्ट सार्वजनिक करने का भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी का अनुरोध बुधवार को स्वीकार कर लिया।

हालांकि, न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति विनोद गोयल की पीठ ने जनसंहार मामले की आगे की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराने का स्वामी का अनुरोध ठुकरा दिया।

उच्च न्यायालय ने सुब्रमण्यन स्वामी की याचिका पर अपने आदेश में कहा कि जनसंहार की घटना के तीन दशक बीत जाने के बाद इसमें कोई महत्वपूर्ण घटनाक्रम नहीं हुआ है और न ही ऐसे कोई सुराग मिले हैं जिससे आगे एसआईटी की जांच की जरूरत हो।

अदालत ने पूछा, ‘‘हालांकि, इससे संबंधित जांच एजेंसी को कानून के मुताबिक मामले को आगे ले जाने पर रोक नहीं है। अगर जांच एजेंसी से साझा करने के लिए आगे कोई सामग्री है तो याचिकाकर्ता (स्वामी) के लिए भी यह खुला होगा।’’

स्वामी ने इस मामले में पीएसी के 16 पूर्व जवानों को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली अपनी याचिका में आगे की जांच एसआईटी से कराने का अनुरोध किया था।

वकील रमणी तनेजा के जरिए दाखिल अपनी याचिका में उन्होंने दलील दी थी कि इस मामले में आगे जांच की जरूरत है क्योंकि सीबी-सीआईडी रिपोर्ट में प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) के 66 कर्मियों को अभ्यारोपित किया गया था लेकिन उनमें से केवल 19 के खिलाफ ही आरोपपत्र दाखिल किया गया।

उन्होंने अदालत से 1994 में अपराध शाखा- केंद्रीय जांच विभाग (सीबी-सीआईडी) की सौंपी गयी रिपोर्ट भी सार्वजनिक करने का अनुरोध किया था।