शिक्षा के साथ संस्कार ही शिक्षा की प्राथमिकता – श्री बोरमुंडला

उज्जैन | अच्छी शिक्षा के साथ संस्कार देकर ही विद्यार्थियों को देश का इमानदार और संस्कारवान नागरिक बनाया जा सकता है, छात्र यदि पूरी मेहनत एवं लगन से शिक्षा प्राप्त करे और शिक्षक पूरी निष्ठा व इमानदारी से अध्यापन कार्य करें तो भारत वर्ष को परम वैभव पर पहुंचाया जा सकता है अच्छी शिक्षा के साथ संस्कार देना ही शिक्षा की प्राथमिकता होना चाहिए |

          उपरोक्त विचार म.प्र.शासन द्वारा घोषित “मिल बांचे “ कार्यक्रम में शा.प्रा. / मा. वि. बांदका एवं देवी करादिया में मंडी अध्यक्ष बहादुर सिंह बोरमुंडला द्वारा पहुंचकर स्कूल स्टाफ से चर्चा की गई , क्लास में उपस्थित विद्यार्थियों से रूबरू होकर बातचीत की गई एवं उनके ज्ञान को जान्ने हेतु उत्सुकतावश प्रश्न भी किये गए जिसका जवाब विद्यार्थियों द्वारा भी पूर्ण कुशलता के साथ दिए गए, सभी विद्यार्थियों को मंडी अध्यक्ष द्वारा पेन का वितरण किया गया जिससे कक्षा 8वी की विद्यार्थी कु.ज्योति डायमा द्वारा कहा गया कि मैं इस कलम से पढ़कर देश की बहुत बड़ी अधिकारी बनूँगी, श्री बोरमुंडला द्वारा विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान को जांचने हेतु पूछा गया कि देश के राष्ट्रपिता का सपना क्या था और किसने उसे पूरा किया तो बच्चों द्वारा जवाब दिया गया कि बापू का सपना स्वच्छ भारत का था जो कि हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा पूरा किया जा रहा है दूसरा सवाल कि आपके शासकीय स्कूल में शिक्षा कैसे मिल रही है बच्चों द्वारा जवाब दिया गया कि यहां पर भी अच्छे उच्च शिक्षित शिक्षकों द्वारा शिक्षा दी जा रही है साथ ही हमारे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी चौहान द्वारा हमें पुस्तकें गणवेश छात्रवृत्ति भोजन साइकिल ऐसी कई सुविधाएं दी जा रही है जिससे हमारे परिवार पर बोझ नहीं पड़ता है और हमें कम पैसों में अच्छी शिक्षा मिल जाती है इस उत्तर पर पूरी क्लास के स्टाफ द्वारा प्रसन्नता व्यक्त की गई इस अवसर पर ग्राम बांदका के स्कूल में स्टाफ श्री कमलकिशोर मालवीय, श्रीमती चंदा नायक, श्री यशवंत बेण्डवाल, श्री मोहनलाल मालवीय एवं ग्राम देवी कराडिया स्कूल में स्टाफ श्री भानु प्रकाश शर्मा, श्रीमती ललिता लोहिया उपस्थित थे ।