इस व्यापक धारणा का शिकार बनी कि मेरी जीत होगी: हिलेरी

वाशिंगटन,  हिलेरी क्लिंटन ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनावों में अपनी हार के लिए रूसी हस्तक्षेप, उनकी अपनी पार्टी, एफबीआई, मीडिया और उनकी जीत तय होने संबंधी ‘‘व्यापक धारणा’’ समेत कई कारकों को दोषी ठहराया है।

हिलेरी ने कैलिफोर्निया में एक तकनीकी सम्मेलन में एक साक्षात्कार के दौरान रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप के हाथों उन्हें राष्ट्रपति पद के चुनाव में मिली हार के बारे में विस्तार से पहली बार बात की।

हिलेरी ने अपनी चुनाव प्रचार मुहिम के दौरान जो भी निर्णय लिया, उन्होंने उनकी जिम्मेदारी ली और साथ ही कहा, ‘‘लेकिन मेरी हार इस कारण से नहीं हुई।’’ अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि चुनाव में रूसी हस्तक्षेप, सूचना का ‘‘हथियार की तरह इस्तेमाल’’ और फर्जी समाचार उनकी हार के पीछे के मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा संभव है कि ट्रंप के सहयोगियों का इसमें हाथ हो।

हिलेरी ने कहा कि उनकी राय में रूस को जब तक निर्देशित नहीं किया जाता, वह तब तक यह पता नहीं कर सकता था कि वह इस सूचना का हथियार की तरह इस्तेमाल कैसे करे।

उन्होंने कहा कि रूस की मदद कर रहे कुछ लोगों के पास ‘‘मतदान एवं आंकड़ों संबंधी’’ सूचना थी।

यह पूछे जाने पर कि वे लोग कौन हो सकते हैं, हिलेरी ने कहा, ‘‘हम चुनाव से पहले, चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद ट्रंप के चुनाव प्रचार अधिकारियों एवं ट्रंप सहयोगियों के रूस के साथ सभी संपर्कों पर और सूचना प्राप्त कर रहे हंै। मुझे उम्मीद है कि हमें पर्याप्त सूचना मिल जाएगी, जिसके आधार पर हम इस प्रश्न का उत्तर देने में सक्षम होंगे।’’ 69 वर्षीय डेमोक्रेटिक नेता ने कहा कि उनकी पार्टी मतदाताओं को आकषिर्त करने के लिए तकनीक एवं आंकड़ों का इस्तेमाल करने में पीछे रह गई।

उन्होंने उनके ईमेल विवाद को ‘‘पर्ल हार्बर’’ की तरह कवर करने और रूसी हस्तक्षेप संबंधी खबरों को उचित तरीके से कवर नहीं करने को लेकर मीडिया पर भी निशाना साधा।

हिलेरी का मानना है कि व्यापक स्तर पर इस धारणा एवं अपेक्षाओं ने भी उनकी हार में बड़ी भूमिका निभाई कि उन्हें ही जीत मिलेगी।