अमेरिकी सांसदों ने भारत, चीन से आ रही संदूषित दवाओं पर मांगी जानकारी

वाशिंगटन,  शक्तिशाली अमेरिकी सांसदों के द्विदलीय समूह ने उच्च रक्त चाप के इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाली, भारत और चीन की कथित संदूषित दवाओं पर कांग्रेस से जानकारी मांगी है।

एंजियोटेंसिन द्वितीय रिसेप्टर ब्लॉकर्स (एआरबी) के नाम वाली दवाओं के एक वर्ग को वापस लेने की सूचना पिछले साल जुलाई से लेकर अब तक कम से कम 15 बार जारी हो चुकी है। इस दवा का इस्तेमाल आमतौर पर उच्च रक्त चाप के इलाज में होता है।

जिस दवा को वापस लेने की सूचना जारी की गई हैं, ऐसा प्रतीत होता है कि उसका संबंध, उसकी कम से कम उन दो विदेशी दवा निर्माता कंपनियों से है जो चीन और भारत में है।

एक सांसद ने अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त स्कॉट गोटलिएब को लिखे एक पत्र में कहा कि दोनों कंपनियों का, कैंसरजनक पदार्थ की मात्रा पता चलने से पहले एफडीए के निरीक्षण की चिंताजनक रिपोर्टों का इतिहास रहा है।

इस पर चिंता जताते हुए सांसदों ने विदेशों में निर्मित दवाओं के बारे में जानकारी का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि ये विदेशी दवाएं कैंसरजनक पदार्थ के अंश पाए जाने की वजह से संदूषित हो सकती हैं।