नैतिक दिवालियापन का सटीक उदाहरण है मोदी सरकार : राहुल गांधी

नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रोजगार सृजन के मुद्दे पर रविवार को केन्द्र पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अयोग्यता और अहंकार ने मिलकर इस सरकार को ‘‘नैतिक दिवालियापन का सटीक उदाहरण बना दिया है।’’

आरोप के समर्थन में गांधी ने मीडिया में आयी एक खबर का उदाहरण दिया जिसमें ऐप आधारित टैक्सी बुकिंग कंपनी उबर से जुड़े एक ड्राइवर ने कथित तौर पर कहा है कि सरकार ने उसे नौकरी नहीं दी, उसने लाखों रुपये निवेश कर रोजगार पाया है।

नीति आयोग के, ओला/उबर से 20 लाख रोजगार सृजन संबंधी कथित बयान के बारे में पूछने पर ड्राइवर ने उक्त टिप्पणी की है।

गांधी ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है, ‘‘अयोग्यता और अहंकार ने मिलकर इस सरकार को नैतिक दिवालियापन का सटीक उदाहरण बना दिया है।’’

बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर गांधी लगातार प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साध रहे हैं। वह अक्सर कहते हैं कि सत्ता में आने से पहले, हर साल दो करोड़ रोजगार सृजन का वादा किया गया था लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया गया।

प्रधानमंत्री पर राहुल के हमलों में, एक अंग्रेजी दैनिक में ‘नेशनल सैम्पल सर्वे ऑफिस’ की एक रिपोर्ट आने के बाद तेजी आ गई। इस रिपोर्ट में कथित तौर पर कहा गया था कि देश में बेरोजगारी की दर 45 साल में सर्वाधिक है।

सरकार का कहना है कि उसने श्रम बल पर सर्वे को अंतिम रूप नहीं दिया है। इस सर्वे में कथित तौर पर बताया गया है कि बीते 45 साल में देश में बेरोजगारी की दर साल 2017…18 में सर्वाधिक 6.1 फीसदी रही।