तीसरी तिमाही के नतीजों से इस सप्ताह तय होगी बाजार की दिशा : विशेषज्ञ

नयी दिल्ली, रिलायंस इंडस्ट्रीज और विप्रो सहित अन्य कंपनियों के तिमाही परिणाम और वृहद आर्थिक आकंड़ों की घोषणा से इस सप्ताह शेयर बाजार की दिशा तय होगी।

इसके अलावा रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के निवेश से भी बाजार पर असर पड़ने की संभावना है।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध विभाग के प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “तीसरी तिमाही के परिणाम से बाजार की चाल तय होगी। उपभोक्ता मूल्य सूचकाकं (सीपीआई) और थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़ों पर भी नजर रहेगी।”

विशेषज्ञों के मुताबिक सोमवार को निवेशक इ्न्फोसिस की तीसरी तिमाही के नतीजों को ध्यान में रखकर कारोबार कर सकते हैं। अक्तूबर-दिसंबर, 2018 की तिमाही में सूचना-प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़ी कंपनी के शुद्ध मुनाफे में कमी दर्ज की गयी है।

इन्फोसिस का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में शुद्ध लाभ करीब 30 प्रतिशत घटकर 3,610 करोड़ रुपये रह गया।

एक साल पहले इसी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2017) में उसे 5,129 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था।

मुनाफे में भारी गिरावट के बावजूद कंपनी ने 8,260 करोड़ रुपये तक की शेयर पुनर्खरीद योजना की घोषणा की है।

इस सप्ताह आरआईएल और विप्रो जैसी बड़ी कंपनियां भी अपने परिणाम की घोषणाा करेंगी।

इसके अलावा सोमवार को बाजार में औद्योगिक उत्पादन के आकंड़ों का असर भी देखने को मिल सकता है।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद जारी आंकड़ों के मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियां कमजोर पड़ने से नवंबर माह में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर घटकर पिछले 17 माह के न्यूनतम स्तर 0.5 प्रतिशत पर आ गई।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि दर नवंबर माह में नीचे आई है। इसकी अहम वजह विनिर्माण क्षेत्र में विशेषकर उपभोक्ता और पूंजीगत सामान क्षेत्र में उत्पादन घटना है।

एसेल म्यूचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी विरल बेरावाला ने कहा, “पिछले कुछ दिनों में तेल के दाम में आई तेजी और वैश्विक संकेत मुख्य रूप से बाजार को प्रभावित करेंगे।”

 

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