भारतीय अर्थव्यवस्था में आवसरों का लाभ उठाएं जिम्बाब्वे की कंपनियां: नायडू

हरारे,  उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने जिम्बाब्वे की कंपनियों से तीव्र आर्थिक वृद्धि कर रही भारतीय अर्थव्यवस्था में अवसरों का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया है। उन्होंने कहा कि देश में व्यापार माहौल बेहतर है।

भारत-जिम्बाब्वे व्यापार मंच को शनिवार को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच 17वीं सदी से ही काफी नजदीकी रिश्ते रहे हैं और तब से आपस में धातु, खनिज एवं कपड़ों का व्यापार करते आ रहे थे। हालांकि वर्तमान आर्थिक संबंध उस स्तर को प्रतिबिंबित नहीं करते, जितनी क्षमता है।

दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 23 करोड़ डालर से अधिक है और निवेश 50 करोड़ डालर है जो संभावनाओं से कहीं कम है।

नायडू ने कहा, ‘‘दोनों देशों के संबंध सहज है और दोनों एक एक-दूसरे के पूरक हैं। हमें द्विपक्षीय लाभ के लिये इसका उपयोग करने की जरूरत है। जिम्बाब्वे की कंपनियां तीव्र गति से वृद्धि कर रही भारतीय अर्थव्यवस्था का लाभ उठा सकती हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारत तीव्र आर्थिक वृद्धि दर हासिल करने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एक है और 2025 तक 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रही है। हाल ही में भारत 2600 अरब डालर के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) के साथ छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनी है।’’

नायडू ने कहा, ‘‘भारतीय कंपनियां घरेलू अर्थव्यवस्था के साथ-साथ दक्षिणी अफ्रीकी विकास समुदाय (एसएडीसी) तथा पूर्वी तथा दक्षिण अफ्रीका के लिये साझा बाजार (सीओएमईएसए) के लिये भागीदारी कर सकती हैं।’’

उप-राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देश खनन, उपकरण विनिर्माण, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, जैवप्रौद्योगिकी, औषधि, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, वाहनों के कल-पुर्जे, चिकित्सा उपकरण, रक्षा उत्पादन, बुनियादी ढांचा तथा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग कर सकते हैं। इन क्षेत्रों में व्यापार और निवेश बढ़ाने की काफी संभावना है।

उन्होंने कहा कि लघु एवं मझोले उद्यम क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये काफी महत्वपूर्ण है। जिम्बाब्वे की अर्थव्यवस्था भी काफी हद तक एसएमई पर आश्रित हैं, यह भारत के अनुभव से लाभान्वित हो सकता है।

नायडू ने जिम्बाब्वे की कंपनियों को अपना कारोबार भारत में लगाने के लिये आमंत्रित करते हुए विश्वबैंक की कारोबार सुगमता रैंकिंग 2019 का जिक्र किया। इसमें भारत 77वें स्थान पर आ गया है। भारत क्षेत्र के देशों में में शीर्ष स्थान पर है।

उप-राष्ट्रपति तीन अफ्रीकी देशों बोत्सवाना, जिम्बाब्वे और मलावी की छह दिन की यात्रा पर आये हुए हैं। उनकी यात्रा का मकसद अफ्रीकी देशों के साथ रणनीतिक सहयोग को मजबूत बनाना है।

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