काट्सा प्रतिबंधों पर भारत को जल्द मेरे फैसले की जानकारी होगी : ट्रम्प

वाशिंगटन,  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को कहा कि रूस से पांच अरब डॉलर के एस-400 हवाई रक्षा प्रणाली खरीद सौदे पर भारत को जल्द ही दंडात्मक काट्सा प्रतिबंधों पर उनके फैसले की जानकारी होगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका उन देशों को ‘‘देख लेगा’’ जो उसकी तरफ से लगाए गए प्रतिबंध के बाद भी ईरान से तेल का आयात जारी रखेंगे।

‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (काट्सा) के तहत रूस के साथ हथियार सौदे पर अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत को छूट देने का अधिकार केवल ट्रम्प के ही पास है।

भारत ने पिछले हफ्ते ही रूस के साथ अरबों डालर की एस-400 ट्रायम्स वायु रक्षा प्रणाली खरीद के लिये करार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन की दिल्ली में हुई मुलाकात के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे।

भारत और रूस के बीच हुए सौदे के बारे में पूछे जाने पर ट्रम्प ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, ‘‘भारत को पता चल जाएगा। भारत को पता चलने जा रहा है। आप जल्द ही देखेंगे।’’

यह पूछे जाने पर कि ऐसा कब होगा, उन्होंने कहा, ‘‘आप देखिये, आपकी उम्मीदों से भी जल्द।’’

ट्रंप जब सवालों का जवाब दे रहे थे तो उस वक्त वहां विदेश सचिव माइक पोम्पिओ भी कक्ष में मौजूद थे।

पोम्पिओ और रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने भारत को छूट देने के लिये जिरह की थी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने चार नवंबर की समयसीमा के बाद भी ईरान से तेल आयात जारी रखने वाले देशों को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि अमेरिका उन देशों को ‘‘देख लेगा’’।

भारत और चीन जैसे देशों द्वारा ईरान से तेल खरीदना जारी रखने के फैसले पर पर पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, ‘‘हम उन्हें देख लेंगे।’’

तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को कहा था कि दो सरकारी तेल कंपनियों ने नवंबर में ईरान से कच्चे तेल के आयात के लिये ऑर्डर दिया है।

उन्होंने कहा कि भारत की अपनी ऊर्जा जरूरते हैं जिसे उसे पूरा करना है।

इंडियन ऑयर कॉरपोरेशन (आईओसी) और मंगलोर रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) ने साथ मिलकर ईरान से 12.5 लाख टन (एमटी) कच्चे तेल के लिये ऑर्डर दिया है।

ट्रंप ने मई में ईरान के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते से अपने हाथ वापस खींच लिये थे और उस पर फिर से आर्थिक प्रतिबंध लगा दिये थे। कुछ प्रतिबंध छह अगस्त से प्रभावी हो गए थे जबकि तेल और बैंकिंग क्षेत्र को प्रभावित करने वाले प्रतिबंध चार नवंबर से प्रभावी होंगे।

इराक और सऊदी अरब के बाद ईरान भारत को तेल आपूर्ति करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश है।