गांधी जी ने वैकल्पिक विश्व संरचना का संदेश दिया है – श्री राजेंद्र शर्मा

उज्जैन। महात्मा गांधी ने ऋषिभाव से राजनीति की थी। उन्हें हम राजर्षि कह सकते हैं, जिन्होंने स्वतन्त्रता आंदोलन की धुरी बन कर उसे आधार दिया। उनका हिन्द स्वराज का सपना आज भी प्रासंगिक है, दुर्भाग्य से हम उससे दूर हो गए हैं। गांधी जी ने भारतीय दृष्टि के आधार पर वैकल्पिक विश्व संरचना का संदेश दिया है। उन्होंने समस्त प्रकार के भेदभावों से मुक्त समाज की कल्पना की। सामाजिक समरसता के लिए उन्होंने अनेक व्यावहारिक कदम उठाए। समाज के सभी वर्गों को विकास के अवसर मिलें, तभी गांधी का सपना साकार होगा। मनुष्य से देवत्व की ओर ले जाने वाली शिक्षा जरूरी है। यह वर्ष गांधी जी के पुनर्पाठ का अवसर दे रहा है।

ये उद्गार वरिष्ठ पत्रकार, चिंतक और समाजसेवी श्री राजेंद्र शर्मा, भोपाल ने विक्रम विश्वविद्यालय में महात्मा गाँधी के 150 वें जन्मवर्ष के शुभारंभ अवसर पर व्यक्त किए। वे ‘सामाजिक समरसता और गांधी विचार’ पर व्याख्यान दे रहे थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो शीलसिंधु पाण्डेय ने की। उन्होंने कहा कि गांधी युगद्रष्टा थे, जिन्होंने सामाजिक समरसता के लिए दशकों पहले कार्य किया। दुनियाभर के लोग गांधी जी द्वारा दिखाए गए सत्य और अहिंसा के रास्ते पर चल कर ही नए विश्व का निर्माण कर सकते हैं।

विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष श्री महेंद्र कुमार, वाराणसी थे। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने ग्राम विकासके लिए बहुत प्रयास किया। साथ ही समाज से जुड़े परंपरागत मानदंडों में बहुत बड़ा परिवर्तन किया था। विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्य वन संरक्षक बी एस अन्नागेरी उपस्थित थे।

प्रारम्भ में अतिथियों द्वारा विश्वविद्यालय के महाराजा जीवाजीराव पुस्तकालय परिसर में गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पाजंलि अर्पित की गई।

आयोजन की पीठिका प्रस्तुत करते हुए कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी ने विश्व मानवता की राह में खड़े अवरोधों से मुक्ति की दिशा दी। 150 वें जन्मवर्ष पर उनके जीवन और चिंतन से जुड़े पहलुओं को लेकर शैक्षिक परिसर में व्यापक प्रयास किए जाएंगे।

अतिथि सम्मान कुलपति प्रो शीलसिंधु पाण्डेय ने किया। स्वागत कुलसचिव डॉ डी के बग्गा, अधिष्ठाता, विद्यार्थी कल्याण प्रो राकेश ढंड,कुलानुशासक प्रो शैलेंद्रकुमार शर्मा, डीसीडीसी प्रो के एन सिंह, डॉ आर के अहिरवार आदि ने किया।

इस अवसर पर ग्रन्थालय परिसर में वन विभाग के सहयोग से वृक्षारोपण अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में 10 एम पी बटालियन के कैडेट, रासेयो के स्वयंसेवक, वन विभाग के अधिकारी, शिक्षक और विद्यार्थियों ने भाग लिया। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 3100 पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया है।