काल्पनिक और यथार्थपरक फिल्में साथ साथ चल सकती हैं: वरुण धवन

नयी दिल्ली, बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन का मानना है कि काल्पनिक और वास्तविक जीवन से जुड़ी यथार्थवादी फिल्में अब एक साथ चल सकती हैं क्योंकि अब दोनों तरह की फिल्मों के लिए दर्शक मौजूद हैं।

‘‘दुल्हनिया’’ फ्रेंचाइजी, ‘‘जुड़वा 2’’, ‘‘अक्टूबर’’ और सबसे हालिया रिलीज ‘‘सुई धागा: मेड इन इंडिया’’ जैसी दोनों ही प्रकार की फिल्मों में संतुलन बनाने वाले इस अभिनेता का कहना है कि काल्पनिक सिनेमा का दौर 1990 के दशक में अपनी चरम स्थिति में था।

वरुण ने पीटीआई-भाषा को बताया, मुझे लगता है कि सच्ची जिंदगी या आम आदमी के जीवन से जुड़ी फिल्में हमेशा चलेंगी। 90 के दशक में या हो सकता है कि अन्य किसी दौर में काल्पनिक फिल्में ज्यादा पसंद की जाती थीं। काल्पनिक सिनेमा भी हमेशा अच्छा करता रहेगा। मेरा मानना है कि दोनों ही तरह का सिनेमा समानांतर रूप से एक साथ चल सकता है।

उन्होंने कहा कि फिल्मकारों की नई पीढ़ी आयी है, जिनके पास एक नई दृष्टि है।

वरुण धवन की हालिया फिल्म ‘‘सुई धागा: मेड इन इंडिया’’ 28 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।