घाटे की बैंक को मुनाफे में पहुँचाना मेहनत का परिणाम है : डॉ. रमणसिंह सिकरवार

उज्जैन। उज्जैन परस्पर सहकारी बैंक की 80 वी साधारण सभा को विक्रम कीर्ति मंदिर में सम्बोधित करते हुए अतिथि डी.आई.जी. डॉ. रमणसिंह सिकरवार ने कहा कि घाटे की बैंक को मुनाफे में पहुँचाना मेहनत का परिणाम है। अतिथि पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शशिमोहन श्रीवास्तव जी ने कहा कि अच्छे परिणाम योग्यता का प्रमाण है। पूर्व अध्यक्ष एवं संचालक श्री अनिलसिंह चंदेल ने कहा कि 31 दिसम्बर 2003 में एन.पी.ए. 42.06 प्रतिशत था, आज 6.56 प्रतिशत है। वर्ष 2017-18 में बैंक को शुद्ध लाभ 21 लाख 50 हजार का हुआ। संचालन संचालक श्री हरदयालसिंह ठाकुर ने किया। स्वागत उद्बोधन उपाध्यक्ष श्री बालकृष्ण उपाध्याय ने दिया। आभार डॉ. अजयशंकर जोशी ने माना। इस अवसर पर उपाध्यक्ष श्रीमती निशा त्रिपाठी, संचालक सर्वश्री एस.एन.शर्मा, श्री नरेन्द्रसिंह तोमर, श्री पुरुषोत्तम मिस्त्री, श्रीराम सांखला, श्री मोतीलाल निर्मल, श्री दिनेशप्रतापसिंह बैस प्रमुख रूप से उपस्थित थे। बजट का वाचन मुख्य महाप्रबन्धक श्री एस.एन. सोमानी ने किया।

विशेष अतिथि – श्री रमणसिंह सिकरवार, श्री शशिमोहन श्रीवास्तव, वरिष्ठ सदस्य गण – श्रीमती गीताबाई, श्री चुन्नीलाल शर्मा, कैलाशसिंह, श्री महाकाल चतुर्भुज, ऋणी सदस्य – श्री जगदीशसिंह पंवार, श्रीमती अनिता चावड़ा, श्रीमती निलोफर बी, श्रीमती सुनीता एवांस, श्री मधुर गुप्ता, जमाकर्ता – श्रीमती गीताबाई खत्री, श्री गोपालकृष्ण परमार, श्रीमती सरोज खण्डेलवाल एवं बैंक कर्मचारीगण श्री रविशंकर गुप्ता, श्री सुरेन्द्र जूनवाल, श्री कमलेश शर्मा, सुश्री ममता गौड़, श्री राजेन्द्रसिंह पण्डया आदि का शाल, श्रीफल, पुष्पमाला तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।