फ्लोरेंस तूफान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हुई

न्यू बर्न (उत्तरी कैरोलिना),  अमेरिका के उत्तरी कैरोलिना में पहुंचे फ्लोरेंस तूफान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। तूफान में फंसे सैकड़ों लोगों को निकालने के लिए शनिवार को नौसैनिकों, तटरक्षक बलों, असैन्य नागरिकों एवं स्वंयसेवियों ने हेलीकॉप्टर, नावों और भारी वाहनों की मदद ली।

माना जा रहा है कि उत्तरी कैरोलिना में और बाढ़ आ सकती है जो कहीं ज्यादा विनाशकारी साबित हो सकती है।

उष्णकटिबंधीय तूफान में तब्दील हुए फ्लोरेंस में 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही थीं जो पूरे दिन भर सतह से टकराती रहीं और जिसके चलते भारी बारिश हुई। नदियों का उफान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है जिसके बाद हजारों लोगों को जगह खाली करने को कहा गया है। डर है कि अगले कुछ दिनों में उत्तरी कैरोलिना के इतिहास में अब तक की सबसे विनाशकारी बाढ़ आ सकती है।

तूफान प्रभावित इलाकों में 60 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश हुई है और बारिश लगातार हो रही है। वहीं मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि सप्ताह के अंत तक अतिरिक्त 45 सेंटीमीटर बारिश और हो सकती है।

उत्तरी कैरोलिना के गवर्नर रॉय कूपर ने कहा, “मैं बढ़ा-चढ़ा कर नहीं कह सकता, बाढ़ का पानी बढ़ रहा है और अगर आप इसपर गौर नहीं कर रहे तो आप अपनी जीवन खतरे में डाल रहे हैं।

शनिवार शाम पांच बजे तक फ्लोरेंस का केंद्र दक्षिणी कैरोलिना के माइर्टल बीच से करीब 95 किलोमीटर पश्चिम में था जो चार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है। इसकी हवाओं की गति घटकर 75 किलोमीटर प्रति घंटे हो गई है। अटलांटिक के ऊपर तूफान का कुछ हिस्सा अब भी मौजूद है जो महासागर के गर्म पानी को अपने साथ बहाकर इस ओर ला रहा है।

तट के आस-पास शुरुआती कहर बरपा करते हुए फ्लोरेंस तूफान ने इमारतों को झुका दिया है, आस-पास के इलाकों को डुबा दिया है 9,00,000 से ज्यादा घरों व प्रतिष्ठानों में बिजली आपूर्ति ठप कर दी है।

यह तूफान दो चरणों में बर्बादी लेकर आएगा। दूसरे चरण में बारिश के पानी के कारण आपदा आएगी।