मुख्यधारा की फिल्में करना आफिस जाने जैसा : बाजपेयी

मुंबई,  फिल्म अभिनेता मनोज बाजपेयी को लगता है कि मुख्यधारा की फिल्मों में काम करना आफिस जाने जैसा है।

मनोज ने कहा कि व्यावसायिक फिल्मों में पहचान हासिल करने के बाद गैर व्यावसायिक या छोटी फिल्मों को वह ना कह सकते थे। लेकिन अच्छी विषयवस्तु की फिल्मों में काम करना हमेशा उनका उद्देश्य रहा।

बाजपेयी ने पीटीआई से कहा, ‘‘मेरी केवल यही उम्मीद है कि गैर व्यावसायिक या छोटी फिल्में भी पैसा कमायें। मैं चाहता हूं कि छोटी फिल्मों का देश में चलन बन जाये। मेरे लिए छोटी फिल्मों को ना करना आसान था लेकिन अच्छा सिनेमा मेरा शौक रहा है। इसलिए मैं इन्हें ना नहीं कह सका।’’

बाजपेयी ने ‘वीर जारा’, ‘बेवफा’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘तेवर’ जैसी कई फिल्मों में काम किया है।

उन्होंने कहा कि उन्होंने कई सुपर हिट फिल्मों में अभिनय किया….इन फिल्मों ने उन्हें मौका दिया कि वह व्यावसायिक सिनेमा में आ जायें। छोटी या गैर व्यावसायिक फिल्में करने का निर्णय सोच समझ कर लिया।

उन्होंने कहा कि इन फिल्मों में अभिनय क्षमता को दिखाने का मौका मिलता है। वहीं मुख्यधारा की फिल्में या व्यावसायिक फिल्में करना आफिस जाने जैसा है। यह उन्हें कतई पसंद नहीं है कि वह 9 से 5 की नौकरी की तरह फिल्में करें।

बाजपेयी की आने वाली फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ है।