कानून भ्रामक, चिकित्सा क्षेत्र में भ्रष्टाचार से निपटने के इच्छित लाभ नहीं देता : खुर्शीद

नयी दिल्ली ,  पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद का कहना है कि चिकित्सा क्षेत्र में भ्रष्टाचार से निपटने के लिये बनाया गया कानून ‘‘ भ्रामक ’’ है और इससे इच्छित नतीजे नहीं मिल रहे और ऐसे मामले में दोष अक्सर ऐसे लोगों पर मढ़ा जाता है जो लड़ नहीं सकता।

वह यहां ‘ हीलर्स ऑर प्रीडेटर ’ नाम की किताब के विमोचन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम से इतर बात कर रहे थे। यह किताब चिकित्सा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुरीतियों के बारे में है।

पूर्व कानून मंत्री से जब पूछा गया कि क्या चिकित्सा क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार से निपटने के लिये पर्याप्त कानून हैं , उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि पर्याप्त सही शब्द नहीं है। मुझे लगता है कि उचित कानून नहीं हैं। ये (कानून) वास्तव में आपको भ्रष्टाचार की तरफ देखने के लिये प्रेरित नहीं करते , वे ऐसा संकेत देते दिखते हैं कि आप भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने के लिये इच्छुक हैं , लेकिन यह भ्रष्टाचार के बारे में नहीं है। ’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कानून अक्सर ‘‘ उत्पीड़न के साधन ’’ बन जाते हैं।

खुर्शीद ने पीटीआई को बताया , ‘‘ कानून बेहद खराब हैं और इससे मेरा आशय यह है कि वे न सिर्फ भ्रामक हैं या इच्छित नतीजे नहीं दिलाने वाले हैं बल्कि वे उत्पीड़न के साधन भी बन गए हैं। इसलिये इससे हुआ यह कि उत्पीड़न को खत्म करने के बजाये यह आपको ज्यादा भ्रष्टाचार के मौके देता है। ’’