‘नए भारत’ का रास्ता ‘नए पूर्वोत्तर’ से गुजरेगा : राजनाथ सिंह

शिलांग , 10 जुलाई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कहा कि ‘ नए भारत ’ का रास्ता विकसित और शांत ‘ नए पूर्वोत्तर ’ से होकर गुजरेगा।

क्षेत्रीय योजना निकाय पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) की 67 वीं पूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि ‘ नए भारत ’ का सपना ‘ नए पूर्वोत्तर ’ के दृष्टिकोण के साथ ही साकार होगा।

एनईसी की दो दिवसीय पूर्ण बैठक मेघालय की राजधानी में आयोजित हुई थी जिसमें केंद्रीय राज्य पूर्वोत्तर क्षेत्रीय विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह के अलावा , आठ पूर्वोत्तरी राज्यों के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया है। वे एनईसी के सदस्य हैं।

सिंह ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क और सूचना प्रौद्योगिकी से ‘ नया पूर्वोत्तर ’ उभरेगा जो क्षेत्र की आर्थिक क्षमता को साकार करने में मदद करेगा।

यह बताते हुए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 2022 तक नए भारत का सपना है , सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत को बेहतर सड़क संपर्क की जरूरत है और इस क्षेत्र में हाल में कुछ प्रगति भी हुई है।

गृह मंत्री ने कहा , ‘‘ अगर हम क्षेत्र में गुणवत्तापूर्वक ब्रॉडबैंड सेवा मुहैया करा सकें तो युवाओं को अपने घर के निकट रोजगार के मौके मिल सकेंगे। ’’

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि इससे क्षेत्र से लोगों का प्रवास भी रूकेगा।

उन्होंने कहा कि आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों को क्षेत्र में कौशल विकास पर जोर देना चाहिए। सिंह ने कहा कि एनईसी को क्षेत्रीय कौशल विकास संस्थान स्थापित करने के बारे में विचार करना चाहिए।

क्षेत्र में उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए रोजगार के मौकों की अहमियत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा , ‘‘ पूर्वोत्तर राज्यों को निजी निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाना चाहिए। ऐसा माहौल जो निवेशकों को सुरक्षा का अहसास कराए। यह निवेश को बढ़ावा देगा। ’’

उन्होंने पुलिस के आधारभूत ढांचे में सुधार के लिए पूर्वोत्तरी राज्यों को केंद्र के सहयोग का आश्वासन दिया।