‘माल्या से अधिकतम वसूली के लिए ब्रिटेन के साथ मिल कर काम कर रहे हैं भारतीय बैंक’

नयी दिल्ली , भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) अरिजित बसु ने आज कहा कि भारतीय बैंक शराब कारोबारी विजय माल्या पर बकायों की अधिक से अधिक वसूली के लिए ब्रिटेन की सरकारी एजेंसियों समेत विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

माल्या भारत से भाग कर ब्रिटेन में रह रहे हैं। ब्रिटेन की एक अदालत ने वहां उनकी संपत्तियों की जांच करने तथा उन्हें जब्त करने का अधिकार दे दिया है।

बसु ने यहां संवाददाताओं से कहा , ‘‘ हम यहां तक पहुंचने में कामयाब रहे हैं क्योंकि सरकार समेत विभिन्न एजेंसियों ने बेहद समन्वयित तरीके से प्रयास किये हैं। हम अदालत के आदेश से काफी खुश हैं। हमें उम्मीद है इस तरह के आदेश से हम संपत्तियां को वसूल लेंगे। ’’

बसु ने कोई आंकड़ा दिये बिना कहा , ‘‘ विभिन्न देशों में कई तरह के कानून हैं जो हमें सीमा पार भी पहुंच देते हैं। हमने जो प्रयास किये उससे हमें विश्व भर में संपत्तियों को जब्त करने का अधिकार मिला। हमारे पास जो संपत्तियां हैं , हमें लगता है कि यदि पूरी वसूली नहीं भी हो पायी तब भी हमारे बकाए की ठीक – ठाक वसूली हो जाएगी। ’’

नीलामी की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी बैंक लंदन में वकील एवं अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं कि कैसे उच्च न्यायालय के आदेश को अमल में लाया जाए।

माल्या के खिलाफ देश के अंदर वसूली की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उनकी संपत्तियों की नीलामी कर बैंकों के समूह के 963 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि किंगफिशर एयरलाइंस को 13 बैंकों के समूह ने ऋण दिया था। भारतीय स्टेट बैंक की इसमें सर्वाधिक हिस्सेदारी है। ब्रिटेन के उच्च न्यायालय ने हल में एक आदेश में माल्या से रिण वसूल के लिए भारतीय बैंकों के पक्ष में महत्वपूर्ण ओदश जारी किए। इसके तहत वसूली की कार्रवाई के लिए अधिकारी और एजेंट माल्या के लंदन स्थित ठिकानों में प्रवेश कर सकते और जरूरत पड़ने पर उचित बल प्रयोग भी कर सकते हैं।