प्रदेश आर्थिक संकट में, मौन तोड़ें सीएम: कमलनाथ

भोपाल,  (हि.स.)। चुनावी साल में मुख्यमंत्री हर वर्ग को साधने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार की इन कोशिशों का असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है कि प्रदेश आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है और ओवर ड्रॉफ्ट का खतरा मंडरा रहा है। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान अपना मौन तोड़कर स्थिति स्पष्ट करें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा है प्रदेश की वित्तीय व्यवस्था भयावह दौर से गुजर रही है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो जल्द ही ओवर ड्राफ्ट की स्थिति बन सकती है। कमलनाथ ने कहा है कि उन्होंने पूर्व में भी प्रदेश की आर्थिक स्थिति के बारे में श्वेत पत्र जारी करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था, लेकिन उसका उन्होंने आज तक कोई जबाव नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का हर नागरिक वित्तीय स्थिति को लेकर भयभीत है। ऐसे में प्रदेश पर आये इस वित्तीय संकट पर मुख्यमंत्री शिवराजसिंह स्थिति स्पष्ट करें व अपना मौन तोड़ें। कमलनाथ ने कहा है कि शिवराजसिंह चुनावी वर्ष में चुनाव जीतने के लिए नित नई घोषणाऐं कर रहे हैं व नई योजनाऐं ला रहे हैं, जबकि उनकी हजारों घोषणाएं पेंडिंग हैं। नई घोषणाऐं कैसे और कब पूरी होंगी? इसके लिए राशि कहां से आयेगी? ऐसे सवाल प्रदेश के हर नागरिक के जेहन में हैं, जिनका जवाब मुख्यमंत्री को देना चाहिए। श्री नाथ ने कहा कि प्रदेश का वित्त विभाग भी सरकार को निरंतर चेता रहा है। प्रदेश पर आज करीब पौने दो लाख करोड़ का कर्ज है। इस वित्तीय वर्ष में तीन बार सरकार बाजार से कर्ज ले चुकी है। सरकार हाल ही में ग्यारह हजार करोड़ का अनुपूरक बजट लेकर आई है। वित्तीय स्थिति के हाल यह हैं कि प्रदेश के सवा चार लाख कर्मचारियों में से अधिकांश के खाते में अब तक सातवें वेतनमान के ऐरियर्स की पहली किश्त भी नहीं आई है, जो 31 मई को जमा हो जाना थी।