‘कांति दा’ के स्तंभ संकलन ‘भटकते राम का विमोचन

उज्जैन । सुप्रसिद्ध स्तंभकार एवं वरिष्ठ अभिभाषक कांतिलाल नागर के दो दशक पूर्व प्रकाशित स्तंभ भटकते राम  के संकलन का विमोचन रविवार को सोसायटी फार प्रेस क्लब के भवन में किया गया। संकलन का संपादन वरिष्ठ अभिभाषक सुभाष गौड़ एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्री श्रीराम दवे ने कियां है।

विमोचन समारोह के अतिथि पूर्व न्यायाधीश शशि मोहन श्रीवास्तव, पूर्व कुलपति डा़. रामराजेश मिश्र, सिंहस्थ प्राधिकरण अध्यक्ष दिवाकर नातु, कवि साहित्यकार डा. शिव चोऋषिया थे। इस दौरान अतिथियों ने रिपोर्ताज पर आधारित इस संकलन को महत्वपूर्ण करार दिया । डॉ. शिव चौऋषिया ने स्तंभकार को दुल्हे की संज्ञा से नवाजते हुए कहा कि कार्यक्रम में उपस्थित सुधीजनों की संख्या तय कर रही है कि स्तंभकार भटकते राम   काफी चर्चित रहे हैं। कार्यक्रम में स्तंभकार भटकते राम उर्फ कांति दा उर्फ कांतिलाल नागर का अतिथियों ने हार पहनाकर सम्मान किया।मंच संचालन श्री श्रीराम दवे ने किया । आभार वरिष्ठ अभिभाषक दिलीप पोटभरे ने माना । विमोचन समारोह के दौरान अतिथियों के साथ उपस्थित वरिष्ठ जनों ने भी स्तंभ से जुडे रोचक प्रसंगों को व्यक्त किया। विमोचन समारोह में पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ अभिभाषक सुरेन्द्रसिंह सिसौदिया, मंडल अभिभाषक संघ अध्यक्ष पं. प्रमोद चौबे के साथ ही बड़ी संख्या में कानूनविद्, साहित्यकार , पत्रकार , समाजसेवीजन उपस्थित हुए ।