भारत के ट्रांसपोर्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल 20 जुलाई को

उज्जैन। देवास रोड स्थित शुभश्री होटल में उज्जैन गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन व उज्जैन ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में उज्जैन संभाग के ट्रांसपोर्टर की बैठक हुई। इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस द्वारा सरकार की दमनकारी और परिवहन क्षेत्र को बर्बादी की कगार पर खड़ा करने वाली नीतियों के विरोध में 20 जुलाई से अनिश्चितकालीन देशव्यापी ट्रकों के चक्काजाम कर हड़ताल की जायेगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश में पहली बार राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने हड़ताल को लेकर सभी ट्रांसपोर्टरों की बैठक आयोजित की है। बैठक में अनिश्चितकालीन हड़ताल की रणनीति के बारे समझाया। बैठक के पूर्व उज्जैन में राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने पत्रकारों से चर्चा की। विशेष अतिथि परविंदर सिंह भाटिया ने संबोधित करते हुए छ: सूत्रीय मांगें रखी-

डीजल की कीमतें कम होनी चाहिए। राष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य निर्धारत और डीजल कीमतों में त्रैमासिक संशोधन।
टोल बैरियर मुक्त भारत।

तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम (टी.पी.पी.) निर्धारण में पारदर्शिता, इस पर जी.एस.टी. की छूट और कोम्प्रेहेंसिव पॉलिसी के माध्यम से एजेंटों को भुगतान किए जा रहे अतिरिक्त कमीशन को समाप्त करना।

ट्रांसपोर्ट व्यवसाय पर टीडीएस समाप्त हो आयकर अधिनियम की धारा 44 ए.ई. में अनुमानित आय में कमी और उसको तर्कसंगत किया जाये व ई-वे बिल से जुड़ी व्यवहारिक समस्याओं को देखते हुए नियमों में संशोधन किया जाए।
बसों और पर्यटन वाहनों के लिए नेशनल परमिट।
डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी (डीपीडी) योजना समाप्त हो, पोर्ट कंजेशन खत्म होना चाहिए। कार्यक्रम मुख्य अतिथि अमृत मदान राष्ट्रीय चेयरमेन, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बाल मिकीत सिंह, अनिल दवे, विजय कालरा प्रदेश अध्यक्ष, राजेन्द्र त्रिहान अध्यक्ष इंदौर ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, चतर सिंह भाटी अध्यक्ष देवास नाका एसोसिएशन, लियाकत भाई अध्यक्ष आगर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, अब्दुल कयूम नागौरी अध्यक्ष महिदपुर एसोसिएशन, मुजाउदीन नागौरी महिदपुर एसोसिएशन, विशेष आमंत्रण पत्र मार्गदर्शन देने परमिंदर सिंह भाटिया उपस्थित थे। इस अवसर पर गिरीश काले, अख्तर हुसैन, तरुण जैन, प्रतीक जैन, मोनू जैन आदि ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अनिल जैन ने किया। अतिथियों का स्वागत अश्विन नरूला आभार ऋतुराज सिंह ने माना।